
सोमवार की शुरुआत में बाज़ार के प्रतिभागी पिछले उतार-चढ़ाव के बाद स्थिर हो रहे हैं और आंकड़ों से भरे सप्ताह की तैयारी कर रहे हैं। इसके बावजूद, गाज़ा पट्टी को लेकर भू-राजनीतिक चिंताओं और चीन की आर्थिक रिकवरी को लेकर मिली-जुली राय के बीच ट्रेडर सतर्क बने हुए हैं।
इससे अमेरिकी डॉलर को दिशा तय करने में मुश्किल हो रही है। जोखिम वाले एसेट पिछले नुकसान की कुछ भरपाई कर रहे हैं, जबकि गोल्ड जैसे सुरक्षित निवेश पीछे हट रहे हैं। इसके अलावा, अमेरिकी स्टॉक फ़्यूचर्स में मामूली बढ़त दर्ज हुई और एशिया-प्रशांत के शेयरों में भी हल्की तेजी आई। वहीं, पिछले सप्ताह कई वर्षों के उच्च स्तर से नीचे आने के बाद अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेज़री बॉन्ड यील्ड पर दबाव बना हुआ है।
दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया की रिटेल सेल्स के मज़बूत आंकड़ों और अमेरिकी डॉलर की कमज़ोरी से AUDUSD पेयर को बढ़त मिली। चीन के और प्रोत्साहन देने की तैयारी की खबर से NZDUSD और अन्य एंटिपोडियन करेंसियों में भी मामूली बढ़त दर्ज हुई। इसके अलावा, क्रूड ऑयल दबाव में बना हुआ है। करीब एक महीने में सबसे बड़ी दैनिक गिरावट दर्ज करने के बाद USDJPY यील्ड के रुझान के मुताबिक चल रहा है।
दूसरी ओर, पिछले हफ़्ते शानदार बढ़त दर्ज करने के बाद BTCUSD और ETHUSD में मामूली गिरावट आई।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



इज़राइल की गाज़ा में ज़मीनी कार्रवाई तेज़ होने और अमेरिका के हवाई हमलों में सीरियाई सीमा के पास ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरों के बीच बाज़ारों में मिले-जुले रुझान हैं। वहीं, लंबे समय के युद्धविराम के लिए तेहरान की कोशिशों और मध्य पूर्व में पश्चिमी हस्तक्षेप की रूस की आलोचना से जोखिम से बचने की प्रवृत्ति प्रभावित होती दिख रही है।
हालांकि, शुक्रवार को जारी अमेरिका के कमजोर मुद्रास्फीति आंकड़ों और इससे पहले जारी अमेरिका की तीसरी तिमाही की मजबूत GDP ने अमेरिकी डॉलर को सहारा दिया और व्यापक जोखिम-विमुखता के बीच इसे एक निचला स्तर दिया। लेकिन इस सप्ताह के अहम आंकड़ों और घटनाओं से पहले सतर्क माहौल के कारण अमेरिकी डॉलर के तेजी के पक्षधर इससे संतुष्ट नहीं हुए। गौरतलब है कि 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट भी डॉलर खरीदारों के लिए चुनौती बन रही है।
सतर्क आशावाद को बढ़ावा देने वाले अन्य कारकों में चीन की आर्थिक रिकवरी को लेकर चिंताएँ और भारत में आशावाद शामिल हैं। हाल ही में, बीजिंग अधिक प्रोत्साहन उपायों पर ज़ोर दे रहा है और वहाँ अर्थव्यवस्था से जुड़े सकारात्मक संकेत दिखाई दिए हैं। वहीं, भारत में त्योहारों का मौसम भी सकारात्मक भावना को सहारा दे रहा है।
वहीं, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के नीति-निर्माता बोरिस वुजिच ने पिछले हफ़्ते ECB की मौजूदा नीति का बचाव किया और संकेत दिया कि फिलहाल बैंक का ब्याज दरें बढ़ाने का चक्र समाप्त हो सकता है। इससे EURUSD में मंदड़ियों का दबदबा बना रहा, जबकि अमेरिकी डॉलर को स्पष्ट दिशा पाने में मुश्किल हुई।
इसके बावजूद, पिछले सप्ताह की बढ़त को आगे बढ़ाने में अमेरिकी डॉलर की नाकामी और सितंबर में ऑस्ट्रेलिया की खुदरा बिक्री के मजबूत आंकड़ों से AUDUSD को समर्थन मिला।
आगे बढ़ते हुए, बाज़ार की स्पष्ट दिशा जानने के लिए US Federal Reserve (Fed), Bank of Japan (BoJ) और Bank of England (BoE) की मौद्रिक नीति बैठकों के साथ-साथ US Nonfarm Payrolls (NFP) पर नज़र रखना अहम होगा। इसके अलावा, गाज़ा की भू-राजनीतिक स्थिति को लेकर मिले-जुले संकेत मोमेंटम ट्रेडर्स की चाल को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में दिन के दौरान अनिश्चितता भरा सत्र देखने को मिल सकता है, जिसमें सेफ़ हेवन को प्राथमिकता दी जाएगी।
आगे की बात करें, जर्मनी के Q3 GDP के शुरुआती आंकड़े और अक्टूबर के महंगाई के आंकड़े, Bank of Canada (BoC) के अधिकारियों के भाषणों के साथ, इंट्राडे ट्रेडर्स का ध्यान खींचेंगे। हालांकि, बाज़ार के प्रतिभागियों की नज़र भू-राजनीतिक सुर्खियों और बॉन्ड यील्ड पर रहेगी, क्योंकि वे अमेरिका के अहम Federal Reserve (Fed) मौद्रिक नीति बैठक और US Nonfarm Payrolls (NFP) का इंतज़ार कर रहे हैं।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!