
उतार-चढ़ाव भरे दिन के बाद गुरुवार की शुरुआत में जोखिम वाली एसेट्स की दिशा स्पष्ट नहीं है। एशिया के बड़े हिस्से में ईद की छुट्टियों के साथ European Central Bank (ECB) के ब्याज दर संबंधी फैसले से पहले सतर्कता का माहौल भी है। इस बीच, अमेरिकी डॉलर ने 13 महीनों की अपनी सबसे बड़ी दैनिक बढ़त में से कुछ गंवा दी है। इससे अहम कारोबारी दिन की धीमी शुरुआत के बीच कमोडिटीज़ और एंटीपोडियन मुद्राओं को हालिया नुकसान से उबरने का मौका मिला है।
अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों और Fed की बैठक के मिनट्स से Federal Reserve (Fed) द्वारा ब्याज दरों में कटौती में देरी की संभावना बढ़ने के बाद US Dollar Index (DXY) में मार्च 2023 के बाद की सबसे बड़ी दैनिक बढ़त दर्ज हुई। चीन, रूस और मध्य पूर्व से जुड़ी भू-राजनीतिक चिंताओं ने भी अमेरिकी डॉलर को सहारा दिया।
अमेरिकी डॉलर में तेज़ी के दौरान EURUSD, ECB के नरम रुख को लेकर चिंताओं के बीच कमजोर बना रहा। इसके अलावा, GBPUSD भी बैंक ऑफ़ इंग्लैंड (BoE) के नीति-निर्माता की सख़्त रुख वाली टिप्पणियों को नज़रअंदाज़ करते हुए गिरा, जबकि बैंक ऑफ़ जापान (BoJ) के नरम रुख के बीच USDJPY उछलकर 1990 के बाद के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गया।
इस बीच, चीन के निराशाजनक महंगाई के आँकड़े भारी गिरावट के बाद ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर तथा कमोडिटी में आई सुधारात्मक उछाल को रोक नहीं पाए। वहीं, तेल की कीमतों में तेज़ी के बावजूद USDCAD मज़बूत बना हुआ है। इसकी वजह Bank of Canada (BoC) का नरम रुख के साथ ब्याज दरों को स्थिर रखने का फ़ैसला है। आगे, बाज़ार के सतर्क रुख और अमेरिका के बाहर ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के बीच गोल्ड की कीमत रिकॉर्ड ऊँचाई से पीछे आई, लेकिन फिर थोड़ी संभली।
क्रिप्टोकरेंसी की बात करें तो BTCUSD और ETHUSD ने अमेरिकी डॉलर की मज़बूती को नज़रअंदाज़ करते हुए साप्ताहिक निचले स्तर से वापसी की और हाल में धीरे-धीरे ऊपर चढ़े। बिटकॉइन हॉल्विंग और Ethereum के लिए स्पॉट ETF मंज़ूरियों को लेकर आशावाद ने भी इन्हें सहारा दिया।
प्रमुख एसेट्स में हालिया उतार-चढ़ाव इस प्रकार हैं:



मार्च के अमेरिकी Consumer Price Index (CPI), Core CPI और Atlanta Federal Reserve के Sticky Price CPI के उम्मीद से बेहतर आंकड़ों ने Fed की ओर से जल्द ब्याज दरों में कटौती की संभावना को कम कर दिया। हाल ही में हुई Federal Open Market Committee (FOMC) की मौद्रिक नीति बैठक के मिनट्स से भी हॉकिश रुख को समर्थन मिला और अमेरिकी डॉलर को बढ़ावा मिला। गौरतलब है कि Wall Street Journal (WSJ) के Fed पर नज़र रखने वाले Nick Timiraos ने बुधवार देर रात कहा कि Fed की दरों में कटौती अब सिर्फ़ कब होगी का नहीं, बल्कि होगी भी या नहीं का सवाल है। इसी तरह, Goldman Sachs ने भी Fed की दरों में कटौती का अनुमान जून से आगे बढ़ाकर जुलाई कर दिया। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति Joe Biden ने कहा, “महंगाई से जुड़ी खबरों के कारण दरों में कटौती में देरी हो सकती है, लेकिन साल खत्म होने से पहले कटौती होगी।”
Fed को लेकर चिंताओं के अलावा, जिन्हें अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों और FOMC Minutes से बल मिला, मध्य पूर्व, चीन और रूस से जुड़ी भू-राजनीतिक खबरों ने भी बाजार का रुख कमजोर किया और अमेरिकी डॉलर को मजबूत होने का मौका दिया। इस बीच, अमेरिका और जापान ने रूस-चीन के संबंधों का मुकाबला करने के लिए हाथ मिलाया। दूसरी ओर, इज़राइल ईरान के हमलों की तैयारी कर रहा है। US CENTCOM Commander भी ऐसा ही कर रहे हैं। इससे ऊर्जा आपूर्ति में कमी को लेकर बाजार की आशंकाएं बढ़ीं और साप्ताहिक अमेरिकी Crude Oil इन्वेंटरी में भारी बढ़ोतरी के बावजूद Oil की कीमत ऊंची बनी रही।
ध्यान देने वाली बात है कि ECB को लेकर नरम रुख की आशंकाओं और यूरोज़ोन के निराशाजनक डेटा ने अमेरिकी डॉलर की व्यापक मज़बूती को और बल दिया, जिससे EURUSD पर दबाव आया। यह ऐसे समय हुआ है जब बाज़ार आज के ECB ब्याज दर फ़ैसले की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा, Fed और BoJ के विपरीत नज़रिए के चलते USDJPY 1990 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, गुरुवार की शुरुआत में नीति-निर्माताओं ने मौखिक हस्तक्षेप के ज़रिए येन पेयर को कई साल के उच्च स्तर से नीचे खींचने की कोशिश की।
BoE नीति-निर्माता Megan Greene के आक्रामक रुख वाले बयानों के बावजूद GBPUSD छह महीनों में सबसे ज़्यादा गिरा। बुधवार देर शाम BoE की Greene ने कहा, “महंगाई का लंबे समय तक बने रहना, अमेरिका की तुलना में UK के लिए बड़ा ख़तरा है।”
अब USDCAD की बात करें। तेल की कीमतें मजबूत रहने के बावजूद, इसमें फरवरी की शुरुआत के बाद की सबसे बड़ी तेजी आई। Bank of Canada (BoC) ने बेंचमार्क ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखा, लेकिन उसका रुख नरम रहा।
अमेरिकी डॉलर की कुल मज़बूती के चलते सोने की कीमत भी पिछले दिन दर्ज किए गए रिकॉर्ड उच्च स्तर से नीचे आई। गुरुवार की शुरुआत में, करीब दो हफ़्ते पुराने बुलिश चैनल में सहारा मिलने के बाद इसमें फिर उछाल आया। ध्यान देने वाली बात है कि चीन के महंगाई के निराशाजनक आंकड़ों के बीच XAUUSD की इस वापसी में ज़्यादा दम नहीं दिख रहा। चीन दुनिया के शीर्ष सोना खरीदारों में से एक है। हालांकि, एशियाई विकास बैंक (ADB) ने 2024 के लिए चीन के आर्थिक पूर्वानुमान को बढ़ाया है। इससे कमोडिटी और ऑस्ट्रेलियाई व न्यूज़ीलैंड डॉलर जैसी जोखिम-संवेदनशील मुद्राओं को पिछले दिन की गिरावट से उबरने में मदद मिली।
आगे चलकर, ECB की मौद्रिक नीति की घोषणाएं ट्रेडर्स के लिए एक अहम घटना होंगी, भले ही बाज़ार की चर्चाओं से क्षेत्रीय केंद्रीय बैंक के नरम रुख वाले ठहराव के संकेत मिल रहे हों। इसकी वजह ECB अध्यक्ष Christine Lagarde का ब्याज दरों में जल्द कटौती को स्वीकार करने से इनकार हो सकता है। अगर वह अपेक्षित रूप से ब्याज दरों में कोई बदलाव न होने के साथ यह रुख अपनाती हैं, तो EURUSD पेयर दिन की शुरुआत में 1.0730 के पांच महीने पुराने सपोर्ट से आई रिकवरी को आगे बढ़ा सकता है।
इसके बावजूद, मार्च का अमेरिकी प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) और साप्ताहिक जॉबलेस क्लेम्स अल्पकालिक बाज़ार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएँगे। अगर इनके नतीजे मज़बूत और सकारात्मक आते हैं, तो ये जोखिम वाले एसेट्स के लिए चुनौती बन सकते हैं।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!