
तेजी वाले दिन के बाद भी बाजार का रुख अनिश्चित बना हुआ है। बाजार इस बात का फैसला करने के लिए और डेटा का इंतज़ार कर रहे हैं कि क्या पहले जैसा जोखिम लेने वाला माहौल जारी रहेगा। अमेरिकी डॉलर भी कमजोर हुआ। जोखिम वाली संपत्तियों में मामूली बढ़त आई, लेकिन अमेरिकी सरकार के शटडाउन, अमेरिका-चीन व्यापार तनाव और फेडरल रिज़र्व की चर्चाओं से जुड़ी मिली-जुली खबरों के कारण इनमें तेज़ी का मजबूत रुझान नहीं दिखा। फेडरल रिज़र्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल और बैंक ऑफ़ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली के आज के भाषणों को लेकर चिंता ने अनिश्चितता और बढ़ा दी।
जोखिम वाली एसेट्स में बढ़त की एक वजह सप्ताहांत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन के प्रति कम टकरावपूर्ण टिप्पणियां थीं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका चीन को “नुकसान नहीं, मदद करना” चाहता है और संकेत दिया कि टैरिफ “लगाना ज़रूरी नहीं है।” ट्रेज़री सचिव बेसेंट ने भी दोहराया कि अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है।
मिस्र में मौजूद राष्ट्रपति Trump ने ईरान पर बयान देते हुए मिस्र के राष्ट्रपति Sisi को एक शक्तिशाली नेता बताया और कहा कि उन्हें ईरान के साथ समझौता होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान बातचीत में शामिल होता है, तो वे प्रतिबंध हटाने के लिए तैयार हैं।
गोल्डमैन सैक्स ने चेतावनी दी कि अमेरिका का मौजूदा सरकारी शटडाउन अब तक के सबसे बड़े और सबसे लंबे शटडाउन में से एक बन सकता है। इसके जारी रहने पर हर हफ्ते तिमाही GDP में 0.11 प्रतिशत अंक की कमी आ सकती है। इसी तरह, ट्रंप की प्रबल सहयोगी और रिपब्लिकन कांग्रेस सदस्य मार्जरी टेलर ग्रीन ने चेतावनी दी कि टैरिफ़ और निर्वासन से अमेरिकी कामगारों और विनिर्माताओं को नुकसान पहुंच सकता है।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने पुष्टि की कि उसने नए रेयर अर्थ निर्यात नियंत्रणों के बारे में अमेरिका को पहले ही सूचित कर दिया था और मौजूदा व्यापार परामर्श माध्यमों के तहत बातचीत की थी। बीजिंग ने संवाद की कोशिश के साथ ही नए प्रतिबंध लगाने के लिए अमेरिका की आलोचना की और दोनों पक्षों से ईमानदारी से काम करने का आग्रह किया। उसने कहा कि सहयोग से दोनों देशों को फायदा होता है, जबकि टकराव से दोनों को नुकसान पहुंचता है।
सोमवार को चीन के निर्यात आंकड़ों से संकेत मिला कि चीन अब भी अमेरिका के अलावा दूसरे देशों को निर्यात कर सकता है और संभावित रूप से टैरिफ़ से बच सकता है। इसके उलट, CCTV की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने अमेरिकी जहाज़ों पर पोर्ट फ़ीस लगाना आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया है।
सोमवार को बंधकों की अदला-बदली से रिस्क-ऑन माहौल बना, लेकिन इज़रायल के रक्षा मंत्री काट्ज़ की टिप्पणियों से शांति कितने समय तक रहेगी, इस पर सवाल उठे। राजनयिक ने चेतावनी दी कि शवों की रिहाई में किसी भी तरह की देरी गंभीर उल्लंघन होगी।
Federal Reserve Bank of Philadelphia की अध्यक्ष Anna Paulson ने पद संभालने के बाद अपना पहला भाषण दिया। उन्होंने पूर्ण रोजगार और कीमतों की स्थिरता पर ध्यान देते हुए, नरम लेकिन संतुलित रुख पर जोर दिया। उनके मुताबिक, इस साल के बाकी समय और अगले साल तक ब्याज दरों में धीरे-धीरे कटौती होने की संभावना है।
वहीं, जापान के वित्त मंत्री काटो ने कहा कि हाल में देश के बाज़ार में एकतरफ़ा और तेज़ उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं।
ब्रिटेन में सितंबर के दौरान रिटेल और उपभोक्ता खर्च की बढ़त धीमी हुई। British Retail Consortium (BRC) के मुताबिक, बिक्री में सालाना आधार पर 2.3% की बढ़त दर्ज की गई, जो मई के बाद सबसे कम थी। वहीं, Barclays ने कार्ड से खर्च में 0.7% की गिरावट बताई, क्योंकि उपभोक्ताओं ने छुट्टियों से पहले खर्च घटाया। इस बीच, ब्रिटेन के मासिक रोज़गार आंकड़े मिले-जुले रहे और ब्रिटिश पाउंड (GBP) को सहारा देने में नाकाम रहे।
ऑस्ट्रेलिया में कारोबारी भरोसे में सुधार हुआ। नेशनल ऑस्ट्रेलिया बैंक (NAB) का इंडेक्स अगस्त के +4 से बढ़कर सितंबर में +7 पर पहुंच गया। बिक्री और मुनाफ़े में बढ़ोतरी ने रोज़गार में नरमी की भरपाई की, जिससे कारोबारी स्थितियां स्थिर बनी रहीं। रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की सितंबर बैठक के मिनट्स से पता चला कि मौद्रिक नीति अब भी थोड़ी सख्त है, लेकिन पहले की गई ब्याज दरों में कटौती से हाउसिंग गतिविधियों को समर्थन मिल रहा है। RBA ने कहा कि बढ़ते यील्ड अंतर के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में आई मामूली बढ़त आर्थिक बुनियादी कारकों के अनुरूप थी।
Reserve Bank of New Zealand (RBNZ) की योजना दिसंबर 2025 से मॉर्गेज लोन-टू-वैल्यू रेशियो (LVR) पर लगी पाबंदियों में ढील देने की है। इसके अलावा, न्यूज़ीलैंड में इलेक्ट्रॉनिक रिटेल कार्ड से खर्च सितंबर में महीने-दर-महीने 0.5% गिरा, लेकिन साल-दर-साल 1.0% बढ़ा। ये आंकड़े देश की मुख्य रिटेल बिक्री के लगभग 68% को कवर करते हैं और रिटेल गतिविधि का अहम संकेतक हैं।
अमेरिका के प्रमुख शेयर इंडेक्स शुक्रवार की तेज़ गिरावट से हुए कुछ नुकसान की भरपाई करने में सफल रहे। Dow Jones Industrial Average 587.98 अंक, यानी 1.29%, बढ़कर 46,067.58 पर पहुंचा। S&P 500 में 102.21 अंक, यानी 1.56%, की बढ़त हुई और यह 6,654.72 पर बंद हुआ। Nasdaq 490.18 अंक, यानी 2.21%, बढ़कर 22,694.61 पर पहुंचा। Russell 2000 में 66.18 अंक, यानी 2.79%, की बढ़त हुई और यह 2,461.41 पर रहा। इन बढ़तों को कुछ हद तक राष्ट्रपति ट्रंप के चीन के प्रति कम आक्रामक रुख के साथ-साथ बंधकों की रिहाई और मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदों से मिले उत्साह ने बढ़ावा दिया। हालांकि, बाज़ार पिछले शुक्रवार की तेज़ गिरावट से हुए नुकसान की पूरी भरपाई नहीं कर पाया।
करेंसी बाज़ारों में US Dollar Index (DXY) नीचे आया, जिससे EURUSD और GBPUSD को सोमवार की गिरावट से उबरने का मौका मिला। इस बीच, AUDUSD गिरा, NZDUSD छह महीने के नए निचले स्तर पर पहुंचा और USDCAD छह महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया। सोना नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा, जबकि पांच महीने के निचले स्तर से उछलने के बाद कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव बना रहा। Bitcoin (BTC) और Ethereum (ETH) की लगातार दो दिन की बढ़त का सिलसिला थम गया, जबकि एशिया-प्रशांत के शेयरों में मामूली बढ़त दर्ज हुई। ध्यान दें कि Columbus Day के कारण अमेरिकी बॉन्ड बाज़ार बंद था।
अमेरिकी डॉलर की गिरावट, फ़्रांस में राजनीतिक तनाव कम होने, आज के EU और जर्मन ZEW सेंटीमेंट आँकड़ों से पहले सतर्क आशावाद और फ़ेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल के भाषण ने EURUSD की रिकवरी को सहारा दिया। हालांकि, यूक्रेन-रूस युद्ध को लेकर जारी चिंताओं और 2025 में EU के आर्थिक बदलाव को लेकर अनिश्चितता के कारण यूरो की बढ़त सीमित रही।
USDJPY में जापानी सरकार के उन संकेतों का असर दिखता है कि वह कमज़ोर येन को सहारा देने के लिए हस्तक्षेप कर सकती है। जापान के वित्त मंत्री काटो ने भारी उतार-चढ़ाव का ज़िक्र किया। फिर भी, इस करेंसी पेयर की गिरावट में गति नहीं है। लंबे वीकेंड के बाद लौटने पर भी इस प्रमुख एशियाई करेंसी पेयर में बाज़ार की हलचल कम है।



कमजोर अमेरिकी डॉलर के कारण GBPUSD में मामूली बढ़त हुई और सोमवार की गिरावट से कुछ रिकवरी आई। हालांकि, ब्रिटेन के रोजगार के मिले-जुले आंकड़ों और नवंबर के बजट से पहले की अनिश्चितता के चलते रिकवरी धीमी है। भू-राजनीतिक और व्यापार से जुड़ी खबरें भी इस पेयर पर दबाव डाल रही हैं। अमेरिकी डॉलर अब भी कमजोर है, लेकिन छुट्टी के बाद अमेरिकी ऋण बाजार दोबारा खुलने पर इसमें रिकवरी की उम्मीद है। इसके अलावा, ब्रिटेन की खुदरा बिक्री और खर्च के शुरुआती आंकड़ों ने GBPUSD की बढ़त पर और दबाव डाला।
अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने के बावजूद, चीन से मिले-जुले आंकड़ों और अमेरिका-चीन के बीच व्यापार तनाव को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण मंगलवार की शुरुआत में AUDUSD, NZDUSD और USDCAD तीनों गिर गए। यह गिरावट ट्रंप की अधिक सकारात्मक टिप्पणियों के बावजूद आई। नवंबर में होने वाली ट्रंप-शी बैठक से पहले, अमेरिकी व्यापारिक कार्रवाइयों के खिलाफ चीन के सख्त रुख ने अनिश्चितता बढ़ा दी है। नतीजतन, AUDUSD में गिरावट आई, NZDUSD मई के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंचा और USDCAD पांच महीने के उच्च स्तर पर चढ़ा। कनाडा के प्रमुख निर्यात कच्चे तेल में हालिया उछाल के बावजूद USDCAD की बढ़त पर कोई असर नहीं पड़ा, क्योंकि बाज़ार की चिंताएं बनी हुई हैं।
जारी US शटडाउन की अनिश्चितता, Fed के नरम रुख, कमजोर USD और भू-राजनीतिक खबरों के मिले-जुले संकेतों के बीच सोना लगभग $4,180 के नए रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी से चांदी और प्लैटिनम की कीमतों को भी बढ़ावा मिला।
इस बीच, क्रूड ऑयल में रिकवरी आई और यह मई की शुरुआत के बाद के सबसे निचले स्तरों से संभलता रहा, हालांकि इसमें मजबूत तेजी की गति नहीं है। इसकी वजह मध्य पूर्व में स्थायी शांति की उम्मीदें और यह चिंता हो सकती है कि ट्रंप ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील दे सकते हैं।
Bitcoin (BTC) और Ethereum (ETH) दोनों में दिन के दौरान 2.0% से ज़्यादा गिरावट आई। बाज़ार का रुझान कमज़ोर होने के बीच, तीन दिनों में यह उनकी पहली गिरावट है। इससे अक्टूबर में मज़बूत बाज़ार की भविष्यवाणी करने वाले “Uptober” के नज़रिए को चुनौती मिली है, हालाँकि कॉरपोरेट ट्रेज़री फ़र्मों और ETF से माँग अब भी मज़बूत बनी हुई है।
इस बीच, वॉल स्ट्रीट के मजबूत प्रदर्शन के बाद एशिया-प्रशांत के शेयर बाजारों में तेजी आई। अमेरिका-चीन तनाव में कमी, Fed से नरम रुख की उम्मीदों और अमेरिकी शटडाउन पर मिली-जुली खबरों ने इस तेजी को बढ़ावा दिया। आज अमेरिका के प्रमुख बैंकों के आय नतीजों और पॉवेल के भाषण से शेयर बाजार की गतिविधियों को दिशा मिलने की उम्मीद है।
जापान, अमेरिका और कनाडा में बैंक अवकाश के बाद बाज़ारों की व्यस्त शुरुआत के साथ, ट्रेडर्स का ध्यान Fed चेयर जेरोम पॉवेल के भाषण पर है। अपने पिछले सार्वजनिक संबोधन में उन्होंने मौद्रिक नीति या अर्थव्यवस्था पर बात नहीं की थी। आज के भाषण में इन विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। पॉवेल की कोई भी सख़्त टिप्पणी अमेरिकी डॉलर में रिकवरी को सहारा दे सकती है और EURUSD, GBPUSD तथा USDJPY जैसी प्रमुख करेंसी जोड़ियों पर दबाव डाल सकती है। मज़बूत USD का सबसे ज़्यादा असर AUDUSD, NZDUSD और USDCAD पर पड़ सकता है, साथ ही क्रिप्टोकरेंसी और क्रूड ऑयल पर भी। हालाँकि, सोने के मज़बूत बने रहने की उम्मीद है। पॉवेल के भाषण, आने वाले नतीजों और बाज़ार की कुल धारणा के आधार पर अमेरिकी शेयरों में आगे भी बढ़त देखने को मिल सकती है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!