
बुधवार की शुरुआत में वित्तीय बाज़ारों में मामूली बढ़त दर्ज हुई और मंगलवार की रिकवरी आगे बढ़ी। ट्रेडर व्यस्त आर्थिक कैलेंडर पर ध्यान दे रहे हैं और Federal Reserve (Fed) से नरम रुख़ की उम्मीद कर रहे हैं।
मंगलवार को बाज़ार ने मिली-जुली भू-राजनीतिक खबरों और हल्के आर्थिक आंकड़ों को काफी हद तक नज़रअंदाज़ किया। इसकी वजह बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट हो सकती है, खासकर कम अवधि वाली यील्ड में, जबकि बाज़ार की कुल गतिविधि में उतार-चढ़ाव बना रहा।
10 दिसंबर की बैठक से पहले Fed शांत अवधि में है। बाजार 25 बेसिस पॉइंट (bps) की दर कटौती की 88% संभावना को शामिल कर रहा है, जबकि नवंबर के मध्य में यह संभावना करीब 40% थी। इससे ट्रेडर्स की उम्मीदें बनी हुई हैं और अमेरिकी डॉलर पर दबाव पड़ रहा है।
भू-राजनीतिक खबरों में, अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ़ और जेरेड कुशनर ने यूक्रेन-रूस संघर्ष के संभावित शांति प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। पुतिन ने बातचीत को फलदायी बताया, हालांकि तनाव अब भी बना हुआ है। यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने चिंता जताई कि रूस इस युद्ध में अमेरिका की भागीदारी खत्म करना चाहता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कैबिनेट बैठक के दौरान यूक्रेन की स्थिति को “गड़बड़” बताया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अगले फ़ेड चेयर के लिए अपनी पसंद का संकेत दिया। राष्ट्रीय आर्थिक सलाहकार केविन हैसेट को इस पद के लिए मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा है। ट्रंप ने अन्य उम्मीदवारों के साथ होने वाले इंटरव्यू रद्द कर दिए, जिससे संकेत मिला कि फैसला शायद पहले ही हो चुका है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने कहा कि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
इस बीच, जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) बाज़ार से मिले संकेत मिले-जुले रहे। 30-वर्षीय JGB यील्ड रिकॉर्ड ऊँचाई के करीब थम गई, जबकि 10-वर्षीय यील्ड में थोड़ी गिरावट आई। यील्ड बढ़ने से जोखिम से बचने की धारणा बनने के बाद इससे जोखिम से बचने वाले ट्रेडर्स को कुछ राहत मिली।
वैश्विक आंकड़े मिले-जुले रहे: जापान के सर्विसेज PMI में मामूली विस्तार दिखा, जबकि इनपुट लागत बढ़ने से महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ीं।
आर्थिक खबरों में, ऑस्ट्रेलिया की GDP वृद्धि तीसरी तिमाही में तिमाही-दर-तिमाही घटकर 0.4% रह गई, जो उम्मीद से कम थी। हालांकि, महंगाई डेटा और रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की गवर्नर मिशेल बुलॉक की सख़्त टिप्पणियों से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD) ने तेज़ी से रिकवरी की। चीन के डेटा में भी कमज़ोरी दिखी, जिससे उपभोक्ता खर्च पर केंद्रित संभावित प्रोत्साहन उपायों की उम्मीदें बढ़ीं।
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) पर दबाव बना रहा, जिससे यूरो (EUR) और ब्रिटिश पाउंड (GBP) जैसी प्रमुख मुद्राओं को मज़बूती मिली। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD) और न्यूज़ीलैंड डॉलर (NZD) में भी बढ़त दर्ज हुई। सोने में गिरावट थमी और यह 6 हफ़्तों के उच्च स्तर पर पहुंचा, जबकि Bitcoin (BTC) और Ethereum (ETH) में भी बढ़त रही। एशिया-प्रशांत बाज़ारों में मिले-जुले प्रदर्शन के बावजूद Nikkei में उल्लेखनीय उछाल आया।
भू-राजनीतिक और आर्थिक घटनाक्रम, खासकर यूक्रेन से जुड़े घटनाक्रम और Fed के नीतिगत कदमों को लेकर उम्मीदें, बाज़ार के रुझान को प्रभावित कर रहे हैं। दुनिया भर में सतर्क आशावाद बना हुआ है।



अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने EURUSD को मज़बूत बने रहने में मदद की है। ऐसा तब भी हुआ, जब यूरोज़ोन की महंगाई के आँकड़े उम्मीद से कमज़ोर रहे और ECB के नीति-निर्माता मार्टिन्स काज़ाक्स की टिप्पणियाँ मिली-जुली रहीं। नवंबर के EU HICP (उपभोक्ता कीमतों का सामंजस्यपूर्ण सूचकांक) और CPI (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक), दोनों के आँकड़े उम्मीद से कम रहे। काज़ाक्स ने कहा कि नकारात्मक आर्थिक झटका ब्याज दर में कटौती की संभावना बढ़ाएगा, जबकि सकारात्मक झटका ब्याज दर बढ़ाने को सही नहीं ठहराएगा।
इस बीच, risk-on माहौल और जापानी सरकारी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के चलते USDJPY ने पिछले दिन की बढ़त गंवा दी। ट्रेडर्स का ध्यान फिर से कमज़ोर अमेरिकी डॉलर और Federal Reserve (Fed) व Bank of Japan (BoJ) की मौद्रिक नीतियों के बीच बढ़ते अंतर पर चला गया है।
GBPUSD में लगातार तीन दिन की गिरावट थमी और यह एक हफ़्ते के निचले स्तर से उछला। इसकी वजह व्यापक जोखिम लेने की भावना और यूके की वित्तीय स्थिरता समीक्षा (FSR) से मिले मिले-जुले अपडेट रहे। हालांकि, इस करेंसी पेयर की हालिया बढ़त मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर की कमजोरी से जुड़ी है, क्योंकि कई नकारात्मक कारक यूके की अर्थव्यवस्था पर लगातार दबाव डाल रहे हैं। इनमें ब्रिटिश बजट को लेकर चिंताएं, रोजगार, आर्थिक गतिविधि और कारोबारी भावना के निराशाजनक आंकड़े, और बैंक ऑफ़ इंग्लैंड (BoE) द्वारा ब्याज दरों में कटौती किए जाने की बढ़ती उम्मीदें शामिल हैं। इसके अलावा, आज यूके और अमेरिका के PMI आंकड़ों के साथ-साथ अमेरिकी ADP रोज़गार परिवर्तन और व्यापार आंकड़ों से पहले सतर्कता का माहौल है। अमेरिकी डॉलर में नरमी के बावजूद, ये आंकड़े GBPUSD में तेज़ी की उम्मीद करने वाले ट्रेडर्स के लिए चुनौती बन सकते हैं।
नरम अमेरिकी डॉलर और बाज़ार के आशावाद के साथ-साथ Reserve Bank of Australia (RBA) और Reserve Bank of New Zealand (RBNZ) के प्रति सख्त रुख की उम्मीदों से AUDUSD और NZDUSD दोनों पाँच हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुँचे। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के मिले-जुले आंकड़ों ने AUDUSD के खरीदारों की परीक्षा ली, जबकि NZDUSD का रुख अपेक्षाकृत तटस्थ बना हुआ है। इस बीच, कमजोर सत्र के बाद USDCAD में कीमतों में उतार-चढ़ाव दिख रहा है और यह काफी हद तक कच्चे तेल की सुस्त कीमतों को नज़रअंदाज़ कर रहा है।
अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और बाज़ार में सतर्क रुख से सोने को कुछ बढ़त वापस पाने में मदद मिली है और इसने पिछले दिन की गिरावट की भरपाई की है। भू-राजनीतिक खबरों के मिले-जुले रुख से भी तेजी का दबाव बढ़ा है, जबकि आज के अहम अमेरिकी डेटा से पहले सतर्कता के माहौल ने सोने की सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में अपील को और बढ़ाया है।
दूसरी ओर, कच्चे तेल में बड़ी गिरावट के बाद नरमी बनी हुई है। इसकी वजह यह चिंता है कि यूक्रेन और रूस के बीच संभावित शांति समझौते से रूसी तेल उत्पादन में तेज़ी आ सकती है। इससे कम मांग और OPEC+ की बढ़ती आपूर्ति के बीच कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।
Bitcoin (BTC) दो हफ्तों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा, जबकि कमजोर अमेरिकी डॉलर और बाजार में जोखिम लेने की बढ़ी हुई प्रवृत्ति के बीच Ethereum (ETH) ने पिछले दिन की रिकवरी को आगे बढ़ाया। Fed की संभावित दर कटौती की उम्मीदों ने भी क्रिप्टोकरेंसी बाजार में आशावाद को बढ़ावा दिया।
इस बीच, अमेरिकी शेयर सूचकांक अधिकतर बढ़त के साथ बंद हुए और NASDAQ में सबसे ज़्यादा तेज़ी रही। Dow 0.39% चढ़ा, S&P 500 में 0.25% की बढ़त हुई और NASDAQ 0.59% ऊपर गया। हालांकि, भारतीय रुपये के लिए एक और मुश्किल दिन रहा। यह पहली बार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90 रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा।
आर्थिक कैलेंडर में स्विट्ज़रलैंड के महंगाई के आंकड़े, नवंबर के यूरोज़ोन और UK के PMI, ECB अध्यक्ष क्रिस्टीन लागार्ड का भाषण, US ADP Employment Change और ISM Services PMI शामिल होंगे, जिससे ट्रेडिंग का दिन व्यस्त रहेगा। हालांकि, सबकी नज़र संभवतः राष्ट्रपति ट्रंप की Fed चेयरमैन के लिए पसंद, यूक्रेन-रूस संघर्ष से जुड़े अपडेट और हालिया बढ़त बनाए रखने में टेक्नोलॉजी शेयरों के प्रदर्शन पर रहेगी।
बाजार की धारणा में बदलाव के बावजूद अमेरिकी डॉलर में रिकवरी नहीं हुई है। ऐसे में इक्विटी और क्रिप्टोकरेंसी जैसी जोखिम वाली एसेट्स में आगे और रिकवरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, ट्रेडर्स को दिसंबर की FOMC (Federal Open Market Committee) बैठक से पहले सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
वहीं, GBPUSD में आगे और तेजी आने की संभावना कम है। इसकी वजह UK के आंकड़े अपेक्षा से कमजोर रहने की आशंका और अमेरिका के मजबूत आंकड़े हैं। हालांकि, फेड का व्यापक रुख इस करेंसी पेयर को हालिया बढ़त बनाए रखने में मदद कर सकता है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!