
सोमवार को हल्के आर्थिक कैलेंडर और जोखिम से जुड़ी मिली-जुली खबरों के कारण बाज़ार में लिक्विडिटी कम रही, जबकि शेयरों में भारी बिकवाली हुई। US में मंदी की चर्चा, 14 मार्च की समय-सीमा तक सरकारी कामकाज ठप होने की आशंका और US Employment Trends के कमज़ोर आँकड़ों से US Dollar पर दबाव पड़ा। हालांकि, New York Fed की ओर से महँगाई की मज़बूत अपेक्षाओं और बुधवार को आने वाले US महँगाई के आँकड़ों से पहले बाज़ार में कंसोलिडेशन ने Dollar की गिरावट को सीमित रखा। US Dollar Index (DXY) पर 'Doji' कैंडलस्टिक बनी।
अमेरिका से जुड़ी चिंताओं के अलावा, यूक्रेन के बड़े ड्रोन हमले के बाद मॉस्को में उड़ानें रोकने की खबर से अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता ठप हो गई। अमेरिकी टैरिफ़ से जुड़े मुद्दों ने भी बाज़ार की अनिश्चितता बढ़ाई, लेकिन इससे अमेरिकी डॉलर को बढ़ावा नहीं मिला। नकारात्मक सेंटीमेंट का असर प्रमुख करेंसी पर पड़ा, जबकि मंगलवार को सोने और क्रूड ऑयल में थोड़ी देर के लिए उछाल आया। क्रिप्टोकरेंसी हाल के निचले स्तरों से संभलीं, हालांकि वॉल स्ट्रीट में गिरावट के बाद इक्विटी कमज़ोर बनी रहीं और एशिया-प्रशांत के शेयरों में भी यही रुख़ दिखा।
कमज़ोर अमेरिकी डॉलर, जर्मनी की आर्थिक वृद्धि को लेकर आशावाद और ब्रिटेन के सकारात्मक आंकड़ों से EURUSD और GBPUSD को मज़बूती बनाए रखने में मदद मिली, हालांकि इनमें तेज़ी की मज़बूत रफ्तार नहीं थी। जर्मन बुंडेसबैंक के अध्यक्ष योआखिम नागेल ने वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए 12-सूत्रीय योजना पेश की। वहीं, ब्रिटिश रिटेल कंसोर्टियम (BRC) और बार्कलेज के अनुसार, फरवरी में ब्रिटेन में उपभोक्ता खर्च धीमा हुआ। गौर करने वाली बात यह है कि ब्रिटेन के रोज़गार, महंगाई और आर्थिक गतिविधियों के आंकड़े अमेरिका के मुकाबले मज़बूत रहे हैं। इससे बैंक ऑफ़ इंग्लैंड (BoE) के नरम रुख पर सवाल उठे हैं और हाल के दिनों में GBPUSD के खरीदारों को समर्थन मिला है।
EURUSD और GBPUSD के उलट, USDJPY पर विक्रेताओं का दबदबा बना हुआ है। उन्होंने इस जोड़ी को 146.53 से उछाल आने से पहले 5 महीने के नए निचले स्तर तक धकेल दिया। इस उछाल की वजह Q4 में जापान की GDP वृद्धि का उम्मीद से कम होना और जापान के अर्थव्यवस्था एवं वित्त मंत्रियों की मिली-जुली टिप्पणियाँ हो सकती हैं। हालांकि, Bank of Japan (BoJ) का सख़्त रुख और अमेरिका की तुलना में जापान का बेहतर आर्थिक प्रदर्शन विक्रेताओं का भरोसा बनाए हुए हैं। वैश्विक अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश की मांग से JPY को मिल रहे समर्थन से भी उन्हें बल मिल रहा है।
ऑस्ट्रेलिया के उपभोक्ता और कारोबारी विश्वास के मिले-जुले आंकड़ों के कारण AUDUSD में लगातार चौथे दिन गिरावट आई। इसी दौरान, न्यूज़ीलैंड की चौथी तिमाही की मैन्युफ़ैक्चरिंग बिक्री के मज़बूत आंकड़ों के बावजूद NZDUSD लगातार तीसरे दिन गिरा। अमेरिका-कनाडा के तनाव और WTI क्रूड ऑयल में उछाल से USDCAD की दो दिनों की तेजी थम गई और इस जोड़ी के ट्रेडर्स पर दबाव पड़ा। इसके अलावा, चीन को लेकर घटता आशावाद और अमेरिका-चीन के बढ़ते तनाव, साथ ही RBA, RBNZ और BoC से ब्याज दरों में और कटौती की उम्मीदों ने भी ऑस्ट्रेलियाई, न्यूज़ीलैंड और कनाडाई डॉलर पर दबाव डाला।
मिले-जुले बाज़ार रुझान और अमेरिकी डॉलर की कमज़ोरी के बीच सोने ने लगातार तीन दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़कर रिकवरी की। हालांकि, आर्थिक कैलेंडर में कम अहम घटनाओं और बुधवार को आने वाले अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से पहले बाज़ार में कंसोलिडेशन के कारण इसकी तेजी में दम नहीं दिखा। इसी तरह, आम तौर पर मंदी के रुझान के बावजूद WTI कच्चे तेल में भारी बिकवाली के बाद उछाल आया। इसे तेल की सप्लाई बढ़ाने की OPEC+ की योजनाओं और आर्थिक निराशावाद के बीच प्रमुख उपभोक्ताओं की ओर से ऊर्जा की मांग घटने की चिंताओं से सहारा मिला।



मंगलवार को Bitcoin (BTCUSD) और Ethereum (ETHUSD) की गिरावट का सिलसिला थम गया। बाज़ार में स्थिरता के बीच, दोनों देर 2024 के बाद के अपने सबसे निचले स्तरों से उबरे। इसके बावजूद, जोखिम से बचने की बढ़ती प्रवृत्ति, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के क्रिप्टो रुख को लेकर घटती उम्मीदें, इंडस्ट्री के बड़े खिलाड़ियों के लॉन्ग पोज़िशन का लिक्विडेशन और ETF से बढ़ता आउटफ़्लो हाल में Bitcoin और Ethereum, दोनों पर दबाव डाल रहा है।
मंगलवार के आर्थिक कैलेंडर में फरवरी के US JOLTS Job Openings अहम घटना होगी। हालांकि, अमेरिका के हाल के कमज़ोर रोज़गार आंकड़ों को देखते हुए इससे US Dollar में रिकवरी को समर्थन मिलने की संभावना कम है। फिर भी, अमेरिकी सरकार के शटडाउन को लेकर आशावाद बढ़ने और जोखिम से बचने की प्रवृत्ति तेज़ होने पर बुधवार के US CPI आंकड़ों से पहले Greenback कुछ नुकसान की भरपाई कर सकता है। हालांकि, इससे USDJPY में बिकवाली करने वालों पर असर पड़ने की संभावना कम है, क्योंकि जापान के सकारात्मक आंकड़े और येन की सेफ़-हेवन अपील बनी हुई है। सोने और क्रूड ऑयल की रिकवरी कमज़ोर पड़ सकती है, जबकि ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड की मुद्राओं में और गिरावट आ सकती है। EURUSD और GBPUSD में गिरावट आ सकती है और क्रिप्टोकरेंसी तथा शेयरों पर मंदी का दबाव बना रह सकता है, लेकिन बड़ी चालों की संभावना कम है।
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