
सोमवार को उतार-चढ़ाव रहा। कनाडा, मेक्सिको और चीन पर Trump के टैरिफ की खबरों से अमेरिकी डॉलर में तेज़ उछाल आया। जब Trump प्रशासन ने कनाडा और मेक्सिको पर टैरिफ टाल दिए और चीन ने संयम दिखाया, तो माहौल सुधरा और बड़े पैमाने पर ट्रेड वॉर की आशंकाएँ कम हुईं। जोखिम लेने की धारणा में बदलाव के बावजूद, मंगलवार को अमेरिका के मज़बूत आर्थिक आंकड़ों और Fed के सख्त संकेतों ने डॉलर को सहारा दिया।
ECB के नरम रुख के चलते EURUSD पर दबाव रहा, जबकि ब्रिटेन की आर्थिक संभावनाओं को लेकर अनिश्चितता के बीच GBPUSD में संघर्ष दिखा। BoJ की टिप्पणियों से उसके सख्त रुख में नरमी आई, जिससे USDJPY को बढ़ावा मिला। व्यापार युद्ध की आशंकाओं के चलते ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर कमज़ोर बने रहे। वहीं, क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी और Bank of Canada (BoC) को लेकर नरम रुख से USDCAD में वापसी हुई।
सोने में सुरक्षित निवेश की मांग बनी रही, जबकि क्रूड ऑयल एक महीने के निचले स्तर तक गिर गया। क्रिप्टो ट्रेडिंग पर ट्रंप के आशावादी रुख के बावजूद, Bitcoin और Ethereum पर बिकवाली का दबाव रहा क्योंकि निवेशक बेहतर एंट्री पॉइंट का इंतज़ार कर रहे थे।
सोमवार को अमेरिकी डॉलर की बढ़त पलटने के बावजूद, यूरोपीय संघ के मिले-जुले आंकड़ों और ECB अधिकारियों के आगे और दर कटौती के संकेतों से EURUSD पर दबाव बना हुआ है। यह लगातार सातवें दिन गिरकर तीन सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया।
यूके के उम्मीद से बेहतर PMI और कमजोर अमेरिकी डॉलर की बदौलत GBPUSD ने कुछ समय के लिए दो दिन से जारी गिरावट को थाम लिया। हालांकि, यूके की अर्थव्यवस्था को लेकर नई चिंताओं और Bank of England की ओर से और दर कटौती की उम्मीदों ने ब्रिटिश पाउंड (GBP) पर फिर से बिकवाली का दबाव बढ़ा दिया।
मजबूत अमेरिकी डॉलर और पूर्ण व्यापार युद्ध की तुलना में व्यापारिक तनाव कम रहने की उम्मीदों के सहारे USDJPY जोखिम के बैरोमीटर की तरह काम करना जारी रखता है। बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काज़ुओ उएदा की टिप्पणियों का भी असर है। उन्होंने टिकाऊ रूप से 2% महंगाई हासिल करने के BoJ के लक्ष्य को दोहराया, जिससे जापानी केंद्रीय बैंक की ओर से आक्रामक दर बढ़ोतरी की उम्मीदें कम हुईं।
सतर्क आशावाद के बावजूद कमोडिटी से जुड़ी करेंसीज़ में संघर्ष जारी है। इसकी वजह यह है कि ट्रंप प्रशासन ने चीन पर लगे व्यापारिक टैरिफ़ नहीं हटाए हैं। चीन दुनिया में कमोडिटी का सबसे बड़ा उपभोक्ता है। हालांकि, चीन की ओर से कोई कड़ा जवाब न आने और घरेलू आंकड़ों के मिले-जुले रहने से ऑस्ट्रेलियाई, न्यूज़ीलैंड और कनाडाई डॉलर की गिरावट सीमित रही। इसके बावजूद, AUDUSD और NZDUSD में 2020 की शुरुआत के बाद के सबसे निचले स्तर से आई हालिया रिकवरी पलट गई, जबकि USDCAD उछलकर 2003 के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कमज़ोर कीमतें, बैंक ऑफ़ कनाडा की संभावित दर कटौती की चिंताएं और ओटावा में राजनीतिक अनिश्चितता भी कनाडाई डॉलर (CAD) पर दबाव डाल रही हैं।



अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से पीछे हटने के बाद सोना लगातार तीसरे दिन की बढ़त बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है। फिर भी, ट्रंप के टैरिफ़ और केंद्रीय बैंक की नीतियों को लेकर अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश का विकल्प तलाश रहे ट्रेडर्स के लिए यह आकर्षक बना हुआ है। शुक्रवार को अमेरिकी रोज़गार रिपोर्ट से पहले सतर्क रुख भी सोने को समर्थन दे रहा है।
हालांकि, अमेरिकी शेल उद्योग और सऊदी अरब द्वारा उत्पादन बढ़ाने की ट्रंप की अपील ठुकराए जाने की खबर का क्रूड ऑयल को कोई फायदा नहीं हुआ। काले सोने ने शुरुआती बढ़त गंवा दी और ऊर्जा की कमजोर मांग तथा बढ़ती सप्लाई की चिंताओं के चलते एक महीने के निचले स्तर पर आ गया।
व्यापार युद्ध की चिंताओं और मज़बूत अमेरिकी डॉलर के दबाव में Bitcoin (BTCUSD) और Ethereum (ETHUSD) में गिरावट आई और पिछले दिन की रिकवरी पलट गई। इसके अलावा, जोखिम से बचने का रुख और ETF में आने वाली रकम की रफ़्तार धीमी पड़ने से भी दबाव बढ़ा। खरीदार बेहतर एंट्री पॉइंट का इंतज़ार कर रहे हैं।
US के टैरिफ़ से जुड़े नए अपडेट बाज़ार की दिशा तय करने में अहम होंगे और जोखिम लेने वाले ट्रेडर्स सतर्क रहेंगे। दिसंबर के US Factory Orders और JOLTS Job Openings भी महत्वपूर्ण होंगे। अगर ट्रंप प्रशासन चीन पर टैरिफ़ लगाने के मामले में पीछे हटता है, तो risk-on माहौल लौट सकता है और US Dollar को बढ़ावा मिल सकता है। US के सकारात्मक आँकड़े डॉलर को और मज़बूत कर सकते हैं, जिससे EURUSD, GBPUSD, कमोडिटी करेंसीज़ और Crude Oil पर दबाव पड़ सकता है—अगर OPEC+ अपनी उत्पादन नीति बरकरार रखता है। वहीं, बाज़ार की अनिश्चितता के बीच सोने और जापानी येन में फिर से बढ़त आ सकती है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!