
अमेरिकी टैरिफ़ पर चीन की सीमित प्रतिक्रिया और गाज़ा व यूक्रेन में भू-राजनीतिक तनाव कम होने से मंगलवार को बाज़ार का रुख बेहतर हुआ। इसके साथ अमेरिका के कमज़ोर Factory Orders और JOLTS Job Openings के आँकड़ों ने अमेरिकी डॉलर पर दबाव डाला। हालांकि, Fed के कुछ अधिकारियों की सख़्त टिप्पणियों ने कुछ समय के लिए डॉलर की गिरावट को चुनौती दी।
बुधवार को चीन और हांगकांग से डाक पैकेजों पर रोक लगाने की अमेरिकी खबर और अतिरिक्त टैरिफ़ ने जोखिम लेने का माहौल पलट दिया। इससे ISM Services PMI और ADP Jobs जैसे अहम आंकड़ों से पहले अमेरिकी डॉलर को समर्थन मिला। इन आंकड़ों को शुक्रवार के Nonfarm Payrolls के शुरुआती संकेतों के रूप में देखा जा रहा है।
इस बीच, अमेरिकी CIA ने अपने कर्मचारियों को बायआउट पैकेज की पेशकश की और ट्रंप ने ईरान पर कड़ा ज्ञापन जारी किया। इससे अनिश्चितता बढ़ी और बाज़ार में हलचल सीमित रही। इसके अलावा, चीन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और जापान से मिले मिले-जुले अपडेट्स ने भी बाज़ारों को सतर्क रखा।
इसके चलते, US Dollar Index पर दबाव बना हुआ है, सोना नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है और EURUSD में रिकवरी की कोशिश जारी है। GBPUSD में गिरावट आई, जबकि USDJPY एक महीने से अधिक समय के निचले स्तर पर पहुंच गया। ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर में नरमी आई, Crude Oil पर दबाव बना रहा और क्रिप्टोकरेंसी कमजोर बनी रहीं।
आर्थिक कैलेंडर में कम अहम डेटा और ECB के नरम रुख के बावजूद, EURUSD ने मंगलवार को लगातार छह दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया। हालांकि, EU-US के बीच नए व्यापार तनाव और अहम डेटा से पहले सतर्क रुख बुधवार की शुरुआत में यूरो पर दबाव डाल रहे हैं। जर्मनी की आर्थिक मुश्किलें और पूरे यूरोपीय ब्लॉक में राजनीतिक अनिश्चितता भी इस दबाव की वजह हैं।
यूरो की तरह, GBPUSD को कमजोर अमेरिकी डॉलर से फायदा हुआ और बुधवार को नरम पड़ने से पहले इसमें लगातार दो दिन तेज़ी रही। गुरुवार की नीति बैठक से पहले ब्रिटिश पाउंड में Bank of England की ब्याज दर में कटौती की उम्मीदें झलक रही हैं।
इस बीच, USDJPY लगातार तीसरे दिन गिरा और मध्य दिसंबर के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। येन की मजबूती बैंक ऑफ़ जापान के hawkish नज़रिए को दर्शाती है, जिसे मजबूत वेतन आंकड़ों और महंगाई की चिंताओं के साथ-साथ जापानी मुद्रा की सुरक्षित निवेश की अपील से भी समर्थन मिला।
बुधवार की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई, न्यूज़ीलैंड और कनाडाई डॉलर जैसी कमोडिटी से जुड़ी मुद्राओं के लिए साप्ताहिक बढ़त बनाए रखना मुश्किल हो रहा है। अपने देशों और चीन से मिले-जुले डेटा के साथ-साथ डेटा जारी होने से पहले की चिंता भी इन पर दबाव डाल रही है। व्यापार तनाव कम होने और अमेरिकी डॉलर कमजोर पड़ने से AUDUSD और NZDUSD को सहारा मिला, जबकि कच्चे तेल पर दबाव बने रहने के बावजूद USDCAD पर दबाव रहा। बुधवार की शुरुआत में जारी आंकड़ों में चीन और ऑस्ट्रेलिया के PMI मिले-जुले रहे। वहीं, न्यूज़ीलैंड की बेरोज़गारी दर चार साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई, जिससे रिज़र्व बैंक ऑफ़ न्यूज़ीलैंड द्वारा आगे और दरों में कटौती की उम्मीदें बढ़ गईं।



व्यापार तनाव, भू-राजनीतिक चिंताओं, केंद्रीय बैंकों के कदमों को लेकर अनिश्चितता और कमज़ोर अमेरिकी डॉलर से सोने को फायदा मिला है। इससे इस कीमती धातु में लगातार 5 दिनों की बढ़त हुई और बुधवार के यूरोपीय सत्र से पहले इसकी कीमत करीब $2,860 के नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। इस तेजी को चीन और भारत से बढ़ती फिज़िकल मांग का भी सहारा मिला है—ये दुनिया के दो सबसे बड़े सोना खरीदार हैं।
इस बीच, क्रूड ऑयल हालिया मासिक निचले स्तर से आई उछाल को गंवा रहा है। निजी सर्वेक्षण में इन्वेंटरी उम्मीद से अधिक बढ़ने, Trump की नीतियों के कारण उत्पादन बढ़ने की आशंका और मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव कम होने से कीमतों पर दबाव पड़ रहा है।
NVIDIA और Google की जांच सहित, ट्रंप के ट्रेड युद्ध पर चीन की प्रतिक्रिया और क्रिप्टो ख़रीदारी तथा बिटकॉइन रिज़र्व की फिर से समीक्षा से Bitcoin (BTCUSD) और Ethereum (ETHUSD) पर गिरावट का दबाव पड़ रहा है। हालांकि, US डॉलर में नरमी से बुधवार की शुरुआत में इन प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी को कुछ सहारा मिल रहा है।
आगे चलकर, व्यापार और भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाज़ार की दिशा तय करने वाले अहम कारक होंगे। हालांकि, जनवरी के यूरोज़ोन PMI के अंतिम आंकड़े, अमेरिकी ISM सर्विसेज PMI और ADP रोज़गार डेटा मोमेंटम ट्रेडर्स के लिए महत्वपूर्ण होंगे, खासकर शुक्रवार के NFP से पहले Fed के मिले-जुले संकेतों के बीच।
तनाव कम होने और अमेरिका से मजबूत आंकड़े सीमित रहने के कारण, अमेरिकी डॉलर पर दबाव बने रहने की संभावना है। इससे सोने और JPY को समर्थन मिल सकता है, खासकर बाजार की मिली-जुली धारणा के बीच। हालांकि, घरेलू चुनौतियों और शेयरों, कमोडिटी तथा क्रिप्टोकरेंसी जैसी जोखिम वाली संपत्तियों की कमजोर कीमतों के कारण EURUSD, GBPUSD और कमोडिटी से जुड़ी मुद्राओं को कमजोर अमेरिकी डॉलर का पूरा फायदा उठाने में मुश्किल हो सकती है।
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