वित्तीय बाज़ारों में ट्रेड करते समय आप जिस तरह से निर्णय लेते हैं, वही आपकी ट्रेडिंग रणनीति तय करता है। अगर ट्रेंड और कीमतों का विश्लेषण करने के लिए आप फ़ंडामेंटल्स के बजाय प्राइस चार्ट को सबसे ज़्यादा अहमियत देते हैं, तो आप शायद इंडिकेटर ट्रेडर हैं। ऐसे ट्रेडर सीज़नैलिटी, ऑर्डर फ़्लो और प्राइस एक्शन ट्रेडिंग समेत अन्य विशिष्ट रणनीतियों का इस्तेमाल करते हैं।

प्राइस एक्शन ट्रेडिंग सबसे आसान तरीकों में से एक है, जिसे शुरुआती लोग शुरुआत से ही सीख सकते हैं। साथ ही, यह सबसे प्रभावी तकनीकों में से एक साबित हुई है। अगर आपने वित्तीय बाज़ार में अभी शुरुआत की है, तो जानें कि प्राइस एक्शन ट्रेडिंग क्या है और यह शुरुआत करने का अच्छा तरीका क्यों हो सकता है।
प्राइस एक्शन ट्रेडिंग को समझना आसान है। इसमें किसी इंस्ट्रूमेंट की कीमत को एक तय समयावधि में चार्ट पर दिखाया जाता है। इसके अलावा, कमोडिटी, स्टॉक और अन्य इंस्ट्रूमेंट में ट्रेडिंग के लिए यह तकनीक टेक्निकल एनालिसिस का आधार बनती है।
प्राइस एक्शन ट्रेडिंग की मुख्य विशेषताएं, जिन पर आपको ध्यान देना चाहिए:
इसके अलावा, बेहतर निर्णय लेने के लिए ट्रेडर भविष्य में प्राइस एक्शन के संभावित रुझानों का अनुमान लगा सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि आप अभी MTrading डेमो अकाउंट पर इस रणनीति को आज़मा सकते हैं। MT4 इंस्टॉल करना पूरी तरह मुफ़्त है और डेमो बैलेंस में $5000 होने से आप पैसे जोखिम में डाले बिना किसी भी रणनीति को आज़मा सकते हैं।



आमतौर पर, ट्रेडर अपनी तकनीक और ट्रेडिंग स्टाइल के अनुसार कई तरह की प्राइस एक्शन ट्रेडिंग में से चुन सकते हैं। इनमें आम तौर पर ब्रेकआउट और कैंडलस्टिक रणनीतियाँ शामिल होती हैं, जो चार्ट के खास पैटर्न पर लागू होती हैं।
ब्रेकआउट सबसे आम रणनीतियों में से एक लगते हैं। यह काफ़ी आसान है। ब्रेकआउट कई तरह के पैटर्न से हो सकता है, जिनमें आम तौर पर ये शामिल हैं:
आपको यह समझना होगा कि ब्रेकआउट से यह तय नहीं होता कि प्राइस उसी दिशा में आगे बढ़ेगी। इसलिए, आपको विपरीत दिशा में ट्रेड करने का नया अवसर मिल सकता है। ब्रेकआउट का आकार अलग-अलग हो सकता है। अपनी रणनीति बनाने और ब्रेकआउट के विपरीत ट्रेड करने के लिए आपको बस छोटे कंसोलिडेशन देखने होंगे। अगर प्राइस साइडवेज़ चलती है, तो इस रणनीति में मुनाफ़े की काफ़ी संभावना हो सकती है।
यह रणनीति उन लोगों के लिए है जिन्हें चार्ट पसंद हैं। आपको प्राइस बार से बनने वाले अलग-अलग तरह के चार्ट पर ध्यान देना होगा। उदाहरण के लिए, ट्रेडिंग के अच्छे अवसर तलाशते समय प्राइस के सपोर्ट और रेज़िस्टेंस लेवल का इस्तेमाल आपके लिए फ़ायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा, कुछ सपोर्ट और रेज़िस्टेंस लेवल भविष्य में फिर से बन सकते हैं, खासकर अगर प्राइस पहले भी वहाँ से पलट चुकी हो।
प्राइस ऐक्शन ट्रेडिंग को सहज रूप से समझें। यह कोई ट्रेडिंग इंडिकेटर या चार्ट नहीं है। इससे यह ज़रूरी जानकारी मिलती है कि टूल कैसे बनाए जाते हैं। यह रणनीति मुख्य रूप से स्विंग और ट्रेंड ट्रेडर्स के लिए है। वे फ़ॉरेक्स के फ़ंडामेंटल्स पर निर्भर रहने के बजाय ब्रेकआउट का अनुमान लगाने के लिए सपोर्ट और रेज़िस्टेंस लेवल चुनना पसंद करते हैं।
हालाँकि, इन ट्रेडर्स को भी मौजूदा या पिछले प्राइस के अलावा दूसरे ज़रूरी कारकों पर ध्यान देना चाहिए। ट्रेडिंग डेटा की सबसे सटीक व्याख्या करने के लिए इन कारकों में वॉल्यूम या टाइमफ़्रेम शामिल हो सकते हैं।
यह रणनीति नए ट्रेडर्स के लिए उपयोगी है, जबकि अनुभवी ट्रेडर्स इसे दूसरी तकनीकों के साथ मिलाकर जानकारी का एक व्यापक स्रोत बनाते हैं। हालाँकि, प्राइस ऐक्शन ट्रेडिंग की अपनी सीमाएँ हैं। इसके कुछ ख़ास फ़ायदे और नुकसान हैं, जिनके बारे में आपको अच्छी तरह पता होना चाहिए।
फ़ायदे:
नुकसान:
कुछ कमियों के बावजूद, शुरुआत करने के लिए प्राइस ऐक्शन ट्रेडिंग एक अच्छी रणनीति है। इससे नए ट्रेडर्स को प्राइस चार्ट पढ़ने और उनमें दिए गए डेटा को समझने में मदद मिलती है। नतीजतन, शुरुआती ट्रेडर्स अपना ट्रेडिंग सिस्टम बना सकते हैं और उसमें सीज़नैलिटी, टेक्निकल एनालिसिस, इंडिकेटर्स और अन्य टूल्स को शामिल कर सकते हैं, ताकि फ़ाइनेंशियल मार्केट को जितना संभव हो उतना पारदर्शी बनाया जा सके।
इस सामग्री में निवेश संबंधी सलाह, निवेश संबंधी सिफ़ारिशें, वित्तीय साधनों में किसी भी लेन-देन का प्रस्ताव या आग्रह शामिल नहीं है और इसे ऐसा नहीं समझा जाना चाहिए। कोई भी निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले, जोखिमों को समझने के लिए स्वतंत्र वित्तीय सलाहकारों से सलाह लें।