
बुधवार को बाजार में शांति रहने की उम्मीद थी, लेकिन कई वैश्विक चिंताओं के कारण ट्रेडिंग में उतार-चढ़ाव रहा। बाजार इस बात को लेकर चिंतित थे कि ईरान-इज़राइल युद्धविराम कितने समय तक कायम रहेगा। ईरान की यूरेनियम संवर्धन क्षमता और बातचीत में शामिल होने की उसकी इच्छा को लेकर मिली-जुली खबरें थीं। अनिश्चितता के बीच, ईरान के नेता अयातुल्ला अली खामेनेई एक सप्ताह से अधिक समय तक सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए। इसके अलावा, अमेरिकी व्यापार समझौते और ट्रंप के टैरिफ पर दुनिया की प्रतिक्रिया को लेकर परस्पर विरोधी चर्चाओं ने ट्रेडर्स को सतर्क रखा। निराशाजनक अमेरिकी आवास आंकड़ों से भी बाजार की धारणा पर दबाव पड़ा।
Fed Chair Jerome Powell की दूसरी गवाही में अपनाए गए "इंतज़ार करो और देखो" के रुख से अनिश्चितता बनी रही। वहीं, अगले Fed Chair के लिए Trump की समय से पहले की गई नामज़दगी से यह चिंता बढ़ी कि राजनीतिक प्रभाव केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता को प्रभावित कर सकता है।
इसी बीच, चीन के राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग के साथ प्रधानमंत्री ली और वित्त मंत्री लैन फ़ोआन ने और आर्थिक प्रोत्साहन देने की तत्परता दिखाई, अर्थव्यवस्था को लेकर आशावाद जताया और अमेरिकी व्यापार नीतियों पर नाराज़गी व्यक्त की। इससे मार्केट की जोखिम लेने की इच्छा और कम हुई।
व्यापार के मोर्चे पर, इटली ने अमेरिकी टैरिफ़ स्वीकार कर लिए, जबकि जापान ने अपने ऑटो उद्योग पर टैरिफ़ का विरोध किया। इस बीच, जापानी सरकारी बॉन्ड (JGBs) की मांग में भी तेज़ बढ़ोतरी देखी गई।
इन कारकों के मिले-जुले असर से अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) मार्च 2022 के बाद के सबसे निचले स्तर पर आ गया, जबकि EURUSD और GBPUSD कई महीनों के उच्च स्तर पर पहुंच गए। इस बीच, USDJPY में पिछले दिन की बढ़त पलट गई और AUDUSD तथा NZDUSD लगातार चौथे दिन चढ़े। कच्चे तेल की कीमतें कमजोर होने के बावजूद USDCAD बुधवार की बढ़त से पीछे हटा, जबकि क्रिप्टोकरेंसी में हल्की बढ़त दर्ज हुई।
कमोडिटी बाज़ार में, अमेरिका के साप्ताहिक इन्वेंटरी में लगातार कमी के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखी, क्योंकि मध्य पूर्व से आपूर्ति को लेकर कोई नई चिंता नहीं थी। दूसरी ओर, सोने को 11 हफ़्ते पुराने सपोर्ट लेवल से एक दिन पहले आई रिकवरी को बनाए रखने में मुश्किल हुई। नतीजतन, शेयर बाज़ारों में मिला-जुला रुख रहा और बॉन्ड बाज़ारों में बेचैनी बनी रही। ट्रेडर यूरोज़ोन और ब्रिटेन के नीति-निर्माताओं के भाषणों के साथ-साथ अमेरिका के अहम डेटा जारी होने का इंतज़ार कर रहे थे।
कमज़ोर अमेरिकी डॉलर, मिले-जुले घरेलू कारकों और तकनीकी ब्रेकआउट ने EURUSD को सितंबर 2021 के बाद के उच्चतम स्तर और GBPUSD को जनवरी 2022 के बाद के उच्चतम स्तर तक पहुंचाने में मदद की। European Central Bank (ECB) के अधिकारियों ने सतर्क आर्थिक दृष्टिकोण दोहराया और ब्याज दरों में कटौती के रुख का बचाव किया। इसके बावजूद EURUSD की तेज़ी जारी रही और इसने दो महीने के रेज़िस्टेंस स्तर को तोड़कर कई महीनों का उच्च स्तर छुआ। दूसरी ओर, Bank of England (BoE) के अधिकारियों का रुख कुछ अधिक आशावादी रहा। हालांकि, उन्होंने रोज़गार और महंगाई से जुड़ी जारी चुनौतियों के साथ-साथ UK के निजी संस्थानों के निराशाजनक आर्थिक सर्वेक्षण को भी स्वीकार किया।
2-वर्षीय जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) की मज़बूत मांग और सकारात्मक महंगाई आंकड़ों के समर्थन से बैंक ऑफ़ जापान की ब्याज दरें और बढ़ाने की तैयारी, USDJPY को नीचे खींच रही है। यह जोड़ी पिछले दिन की रिकवरी के बाद फिर गिर रही है और अब एक महीने से ज़्यादा समय में अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज करने की राह पर दिख रही है। इसके अलावा, बाज़ार की सतर्कता और सुरक्षित निवेश करेंसी के रूप में येन की अपील ने भी जोड़ी की गिरावट में योगदान दिया। हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि अमेरिकी ऑटो टैरिफ़ की टोक्यो की खुली आलोचना और जुलाई में होने वाले चुनाव हाल के दिनों में USDJPY के विक्रेताओं के लिए चुनौती बने हुए हैं, खासकर अहम अमेरिकी आंकड़ों से पहले।



व्यापक बाज़ार में आशावाद, चीन के प्रोत्साहन उपायों के संकेत और अमेरिकी डॉलर की कमज़ोरी से AUDUSD और NZDUSD को चार दिनों की अपनी बढ़त का सिलसिला जारी रखने में मदद मिली, हालांकि स्थानीय स्तर पर मज़बूत कारकों की कमी थी। इस बीच, कच्चे तेल की गिरती कीमतों, कनाडा के मिले-जुले महंगाई आंकड़ों और Bank of Canada के नरम रुख के दबाव में USDCAD को गति पाने में मुश्किल हो रही है।
मध्य पूर्व से सप्लाई को लेकर चिंताएं न होने के कारण कच्चे तेल की कीमतें नीचे बनी हुई हैं। अमेरिका के कमजोर इन्वेंटरी आंकड़ों के बावजूद, कीमतों में मार्च 2023 के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज होने की राह है। इस बीच, कमजोर अमेरिकी डॉलर का फ़ायदा उठाने में सोने को मुश्किल हो रही है। कई हफ़्तों के सपोर्ट स्तर से उछाल के बाद भी यह दबाव में है और चीन की सोने का भंडार बढ़ाने की योजनाओं का भी इस पर असर नहीं दिख रहा है।
गुरुवार को Bitcoin (BTCUSD) और Ethereum (ETHUSD) साप्ताहिक उच्च स्तर पर पहुंचे। अमेरिकी डॉलर में नरमी, ईरान-इज़राइल युद्धविराम से बाजार में आशावाद और फेड द्वारा मॉर्गेज प्रदाताओं को क्रिप्टोकरेंसी को एसेट के रूप में स्वीकार करने के लिए कहने की खबर से इन्हें समर्थन मिला। हालांकि, सप्ताह के उत्तरार्ध में अमेरिका के अहम आंकड़े जारी होने से पहले सतर्क माहौल क्रिप्टो खरीदने वालों की आगे की बढ़त को सीमित करता दिख रहा है।
आगे, ECB और BoE के नीति-निर्माताओं के भाषणों पर ध्यान रहेगा। हालांकि, बाज़ार का मुख्य फोकस अमेरिका के Durable Goods Orders, PCE, Q1 GDP के अंतिम आँकड़ों, Pending Home Sales और Jobless Claims पर होगा। मध्य पूर्व के घटनाक्रम और अमेरिका के व्यापार समझौते भी बाज़ार की दिशा तय करने में अहम होंगे।
अगर आँकड़े महंगाई की चिंताओं, मज़बूत वृद्धि और रोज़गार की बेहतर स्थितियों के साथ-साथ मिले-जुले जोखिम कारकों की ओर इशारा करते हैं, तो अमेरिकी डॉलर में तेज़ प्रतिक्रिया हो सकती है। हालांकि, सुरक्षित निवेश के तौर पर इसकी मांग और बैंक ऑफ़ जापान के हॉकिश रुख के कारण USDJPY पर शायद ज़्यादा असर न पड़े। अन्य प्रमुख करेंसी, ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर तथा क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट आ सकती है। इस बीच, जून के अंत तक सोने और कच्चे तेल की कीमतें नीचे रह सकती हैं, जबकि शेयरों में मामूली बढ़त हो सकती है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!