
यूक्रेन-रूस युद्धविराम को लेकर मिली-जुली खबरों और ट्रेड वॉर की आशंकाओं से निवेशकों में हलचल मची और जोखिम वाले एसेट्स पर दबाव पड़ा। गुरुवार को बाज़ार में भारी उतार-चढ़ाव रहा। अमेरिकी PPI के कमजोर आंकड़ों और बेरोज़गारी के दावों के निराशाजनक रहने के बावजूद, US Dollar Index (DXY) लगातार तीसरे दिन बढ़ा। इससे डॉलर मजबूत हुआ, जिसका दबाव EURUSD और GBPUSD पर पड़ा, जबकि USDJPY को समर्थन मिला। हालांकि, सुरक्षित निवेश के रूप में सोने ने मजबूत डॉलर को नज़रअंदाज़ किया और उछलकर नया सर्वकालिक उच्च स्तर छू लिया। यह $3,000 के करीब पहुंच गया।
अन्य बाज़ारों में, ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर सतर्क रुख दिखा रहे हैं, हालांकि साप्ताहिक गिरावट की आशंका है। शुक्रवार को चीन को लेकर बनी उम्मीदों से ऑस्ट्रेलियाई, न्यूज़ीलैंड और कनाडाई डॉलर को समर्थन मिला, क्योंकि इन देशों के बीजिंग के साथ व्यापारिक संबंध हैं। इसके अलावा, Bitcoin (BTCUSD) की सुधारात्मक तेज़ी के बावजूद क्रिप्टोकरेंसी पर दबाव बना हुआ है। निवेशकों की घटती दिलचस्पी और व्यापक जोखिम से बचने के रुख ने इस दबाव को और बढ़ाया है। इस बीच, शेयर बाज़ार मामूली साप्ताहिक बढ़त की तैयारी में हैं, जबकि बॉन्ड बाज़ारों पर जोखिम बना हुआ है।
प्रमुख घटनाक्रमों में ट्रंप की यह धमकी शामिल थी कि अगर EU पहले लगाए गए स्टील और एल्युमीनियम शुल्कों के जवाब में अमेरिकी व्हिस्की पर टैरिफ लगाता है, तो वे यूरोपीय वाइन, शैंपेन और शराब पर 200% टैरिफ लगाएंगे।
यूक्रेन में युद्धविराम को लेकर रूस के नरम रुख और अमेरिका की उम्मीदों ने भी ध्यान खींचा। हालांकि, कीव और यूरोप से आई कम सकारात्मक खबरों ने परिदृश्य को लेकर उम्मीदों को कुछ कम किया।
अमेरिका में, नीति-निर्माताओं ने सितंबर 2025 तक सरकार का कामकाज जारी रखने के लिए अस्थायी वित्तपोषण विधेयक पारित करने की कोशिश की।
इस बीच, कनाडा और मेक्सिको ने अमेरिकी टैरिफ़ पर अस्पष्ट प्रतिक्रियाओं के बीच स्थिति संभाली। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने महंगाई और ब्याज दरों से निपटने की तैयारी जताई और मंदी की आशंकाओं को खारिज किया। हालांकि, DoubleLine के CIO जेफ़ गुंडलाच ने 2025 में अमेरिका में मंदी आने की 60% संभावना जताई और सोने की कीमत $4,000 तक पहुंचने का अनुमान लगाया।
EURUSD लगातार तीसरे दिन गिरा, जबकि GBPUSD चार महीने के उच्च स्तर से पलटने के बाद दबाव में बना रहा। USDJPY ने अपनी रिकवरी जारी रखी और अक्टूबर 2024 के बाद के सबसे निचले स्तर से बढ़त को आगे बढ़ाया। EURUSD और GBPUSD दोनों में इस सप्ताह गिरावट दर्ज होने की संभावना है, जबकि मजबूत अमेरिकी डॉलर के समर्थन से USDJPY के सप्ताह के अंत में बढ़त के साथ बंद होने की संभावना दिख रही है, भले ही घरेलू स्तर पर सकारात्मक कारक मौजूद हों।
यूरोज़ोन के औद्योगिक उत्पादन और जर्मनी को लेकर आशावाद भी EURUSD को गिरने से नहीं रोक सका। खासकर तब, जब ECB के नीति-निर्माताओं ने चेतावनी दी कि अमेरिका का व्यापार युद्ध बढ़ने पर जर्मनी मंदी की चपेट में आ सकता है। ब्रिटेन के आंकड़े ज़्यादातर सकारात्मक रहे, लेकिन वे GBPUSD को समर्थन नहीं दे सके। अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता अब भी रुकी हुई है और ब्रिटेन की सरकार व Bank of England, दोनों को बाज़ार के संदेह का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच, Bank of Japan (BoJ) के अधिकारियों के सख्त रुख वाले बयानों का USDJPY पर दबाव नहीं पड़ा। जापान के हस्तक्षेप और अपस्फीति की स्थिति पर मिले-जुले समाचारों के साथ टोक्यो-वॉशिंगटन व्यापार वार्ता में ठहराव ने इस करेंसी पेयर को समर्थन दिया।
शुक्रवार को चीनी शेयरों में बढ़त से ऑस्ट्रेलियाई, न्यूज़ीलैंड और कनाडाई डॉलर को अस्थायी राहत मिली। हालांकि, वैश्विक जोखिम से बचने के रुझान और अमेरिकी डॉलर की मज़बूती के कारण इन मुद्राओं में साप्ताहिक गिरावट की आशंका बनी हुई है। कनाडा में तेल की कम कीमतें, बैंक ऑफ़ कनाडा का नरम रुख और अमेरिका के साथ व्यापार तनाव USDCAD को ऊपर ले जा रहे हैं। इसके अलावा, न्यूज़ीलैंड का फ़रवरी का फ़ूड प्राइस इंडेक्स गिरा, जबकि मैन्युफ़ैक्चरिंग PMI में सुधार हुआ।
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने 2025 के लिए मांग का अनुमान घटा दिया है, जबकि OPEC+ को मांग स्थिर रहने की उम्मीद है। ऐसे में कच्चे तेल में लगातार आठवें हफ़्ते गिरावट दर्ज होने की संभावना है। अमेरिका और OPEC+ से बढ़ती आपूर्ति तथा अमेरिकी डॉलर की मज़बूती तेल की कीमतों पर और दबाव डाल रही है। मध्य पूर्व से मिली-जुली ख़बरें भी इस दबाव को बढ़ा रही हैं।



व्यापार युद्ध के तनाव, यूक्रेन-रूस के बीच युद्धविराम को लेकर अनिश्चितता और मध्य पूर्व, यूरोप तथा कनाडा में भू-राजनीतिक मुद्दों के बीच ट्रेडर सुरक्षित एसेट के तौर पर सोने की ओर रुख कर रहे हैं। महंगाई का दबाव कम होने से Fed के सख़्त रुख को चुनौती मिल रही है। साथ ही, ट्रंप की व्यापार नीतियों के कारण US में मंदी की चिंताएं सोने (XAUUSD) को $3,000 के स्तर के करीब 11 महीने पुरानी ट्रेंडलाइन रेज़िस्टेंस तक पहुंचने में सहारा दे रही हैं। इसके अलावा, दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों को लेकर अनिश्चितता भी सोने की कीमतों को बढ़ा रही है, हालांकि चीन से जुड़ी चिंताओं के कारण बीच-बीच में गिरावट आती है।
Stablecoin नियमों से जुड़ी सकारात्मक खबरों और Binance व Ripple की दुबई पहल से Bitcoin (BTCUSD) और Ethereum (ETHUSD) के विक्रेताओं को अस्थायी राहत मिली, लेकिन मंदी का रुझान जारी है। Trump की Bitcoin रिज़र्व नीति, ETF से निकासी, संस्थागत आशावाद में कमी और कम ट्रेडिंग वॉल्यूम अब भी ट्रेडर्स का मनोबल गिरा रहे हैं। इस माहौल में BTCUSD में मामूली दैनिक बढ़त है और यह तीन हफ्तों में अपनी पहली साप्ताहिक बढ़त की राह पर है। वहीं, हाल की इंट्राडे बढ़त के बावजूद ETHUSD लगातार तीसरी साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रहा है।
आगे जिन प्रमुख रिपोर्टों पर नज़र रखनी है, उनमें मार्च के लिए University of Michigan का Consumer Sentiment Index और Consumer Inflation Expectations, कनाडा के Manufacturing और Wholesale Sales के आंकड़े, और फरवरी के लिए ब्रिटेन का NIESR GDP अनुमान शामिल हैं।
अमेरिका के कमज़ोर आंकड़े USD की हालिया रिकवरी को चुनौती दे सकते हैं। हालांकि, जोखिम से कुल मिलाकर बचने का रुझान, अमेरिकी सरकार के शटडाउन की आशंकाओं में कमी और अमेरिका में मंदी पर कम ध्यान दिए जाने से डॉलर को सप्ताह का अंत सकारात्मक स्तर पर करने में मदद मिल सकती है। इससे $3,000 के रेज़िस्टेंस के पास सोने पर दबाव पड़ सकता है, जबकि प्रमुख मुद्राएं, ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर तथा क्रिप्टोकरेंसी अपनी साप्ताहिक चाल को आगे बढ़ा सकते हैं।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!