
सोमवार के उतार-चढ़ाव के बाद मंगलवार को निराशावाद थमा, क्योंकि ट्रेडर्स को उम्मीद है कि 9 अप्रैल से लागू होने वाले अमेरिकी टैरिफ़ टल सकते हैं। ट्रंप के टैरिफ़ की दुनिया भर में आलोचना हुई है। कई अमेरिकी संस्थाएं उनके आपातकालीन शक्तियों के इस्तेमाल को लेकर मुकदमे दायर करने पर विचार कर रही हैं। टैरिफ़ में 90 दिनों की देरी की चर्चा भी हुई, हालांकि व्हाइट हाउस ने तुरंत इसका खंडन कर दिया।
इस बीच, चीन पर 50% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की ट्रंप की धमकी, जिससे कुल टैरिफ 104% हो जाएंगे, बढ़ते व्यापार युद्ध की आशंकाओं को हवा दे रही है। EU, इज़राइल, UK और जापान अमेरिकी टैरिफ से बचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक बहुत कम प्रगति हुई है। Moody’s ने संभावित मंदी को लेकर चिंता जताई है। केंद्रीय बैंकों और IMF ने भी टैरिफ से पैदा हुई अनिश्चितता को लेकर चेतावनी दी है।
महँगाई की बढ़ती चिंताओं के बावजूद, अमेरिकी जॉब मार्केट में सुधार दिखा, जिससे Fed की आक्रामक ब्याज दर कटौती की संभावना कम हुई। इससे अमेरिकी डॉलर लगातार दो दिनों तक चढ़ा, लेकिन आज इसमें गिरावट आई। प्रमुख मुद्राओं, सोने और ऑस्ट्रेलियाई, कनाडाई व न्यूज़ीलैंड डॉलर ने कुछ बढ़त हासिल की। वहीं, तेल और क्रिप्टोकरेंसी खरीदारों का भरोसा फिर से पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अमेरिकी शेयरों में ज़ोरदार उतार-चढ़ाव देखने को मिला—शुरुआत में वे 5% से अधिक गिर गए, लेकिन दिन के अंत तक अधिकांश नुकसान की भरपाई कर ली।
EURUSD में तीन दिनों में पहली बार बढ़त दर्ज हुई, जबकि USDJPY में हल्की गिरावट आई और छह महीने के निचले स्तर से दो दिनों की रिकवरी पलट गई। ये उतार-चढ़ाव अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और भारी अमेरिकी टैरिफ़ से बचने के लिए यूरोप और जापान की व्यापार वार्ताओं और रियायतों की कोशिशों को दिखाते हैं। हालांकि, व्हाइट हाउस इन कोशिशों से संतुष्ट नहीं है, जिससे ट्रेडर्स सतर्क हैं। व्यापार युद्ध और मंदी की आशंकाओं के बीच इन मुद्राओं में आगे और गिरावट की चिंता बढ़ रही है।
GBPUSD ने लगातार दो दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा। इसे कमजोर अमेरिकी डॉलर और 100-दिवसीय व 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से मिले सपोर्ट का सहारा मिला। अमेरिका के साथ ब्रिटेन की व्यापार वार्ता और Bank of England के रुख में बदलाव से भी पाउंड को बढ़त मिली। हालांकि, ब्रिटेन में मंदी की आशंका, BoE द्वारा Fed की तुलना में ब्याज दरों में संभावित रूप से बड़ी कटौती और टैरिफ़ में ढील देने से ट्रंप के इनकार के कारण पाउंड की आगे की बढ़त सीमित हो रही है।
बाज़ार में स्थिरता और चीन के प्रोत्साहन उपायों से जुड़ी खबरों के चलते ऑस्ट्रेलियाई, न्यूज़ीलैंड और कनाडाई डॉलर तीन दिनों में पहली बार मज़बूत हुए। हालांकि, अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध की जारी आशंकाएं और तेल की कमज़ोर कीमतें कनाडाई डॉलर की बढ़त को सीमित कर रही हैं। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलियाई उपभोक्ता सेंटीमेंट में गिरावट और RBNZ की उम्मीद से बड़ी ब्याज दर कटौती की आशंकाएं AUDUSD और NZDUSD पर दबाव डाल रही हैं।



WTI क्रूड ऑयल चार साल के निचले स्तर से उबर रहा है और छह दिनों में पहली बार दैनिक बढ़त दर्ज कर रहा है। OPEC+ के उत्पादन में कटौती की खबर और अमेरिकी डॉलर की कमज़ोरी से इसे मदद मिली। हालांकि, ट्रेड वॉर के कारण वैश्विक ऊर्जा मांग धीमी पड़ने की चिंताएं और OPEC+ द्वारा उत्पादन बढ़ाने की संभावना इसकी रिकवरी को सीमित कर रही हैं।
चार महीने से जारी तेजी के ट्रेंड चैनल और कमजोर अमेरिकी डॉलर के सहारे सोने में भी उछाल आया। व्यापारिक तनाव और रूस, मध्य पूर्व तथा चीन से जुड़े भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण बाजार में बढ़ती अनिश्चितता से इस कीमती धातु को फायदा हो रहा है।
बिटकॉइन (BTCUSD) और एथेरियम (ETHUSD) में मामूली बढ़त दर्ज हुई और उन्होंने कई सप्ताह के निचले स्तर से पिछले दिन आई रिकवरी को बनाए रखा। हालांकि, इंडस्ट्री में बढ़ती निराशा, अधिक आउटफ़्लो और ट्रंप की टैरिफ नीतियों के कारण व्यापक जोखिम-विमुखता के बीच तेज़ी के रुझान को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल रहा है। ध्यान देने वाली बात है कि ओवरसोल्ड स्थितियों के चलते ऑन-चेन डेटा में हालिया बदलाव भी बिटकॉइन और एथेरियम में सुधारात्मक उछाल के पक्ष में है, जो आगे और गिरावट की संभावना का संकेत देता है।
मंगलवार का आर्थिक कैलेंडर हल्का है। मुख्य घटनाओं में अमेरिकी NFIB बिज़नेस ऑप्टिमिज़्म इंडेक्स, मार्च के कनाडाई Ivey PMI और यूके तथा अमेरिकी केंद्रीय बैंक अधिकारियों के भाषण शामिल हैं। इसके बावजूद, 9 अप्रैल से लागू होने वाले अमेरिकी जवाबी टैरिफ़ की तैयारी के बीच बाज़ार में सक्रियता रह सकती है। अगर Trump पीछे हटने से इनकार करते हैं, तो जोखिम से बचने की भावना बढ़ सकती है और अमेरिकी डॉलर मज़बूत हो सकता है। हालांकि, JPY, CHF और सोने में कीमतों में गिरावट ज़रूरी नहीं कि आए। सकारात्मक बाज़ार संकेत न मिलने पर EURUSD, GBPUSD, ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर तथा कच्चे तेल में गिरावट जारी रह सकती है। क्रिप्टोकरेंसी और शेयरों में मंदी बनी रह सकती है, जबकि बॉन्ड बाज़ारों में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
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