
मज़बूत अमेरिकी ISM Services PMI और JOLTS Job Openings डेटा के साथ जोखिम से बचने के रुझान के बाद अमेरिकी डॉलर में तेजी आई। चीन की अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताओं और अटलांटा फ़ेड के अध्यक्ष राफेल बोस्टिक की आक्रामक टिप्पणियों से भी डॉलर को अतिरिक्त समर्थन मिला। हालांकि, अमेरिकी ADP रोज़गार रिपोर्ट और FOMC मिनट्स से पहले का सतर्क माहौल डॉलर की हालिया बढ़त को चुनौती दे सकता है।
चीन की सरकारी एजेंसियों द्वारा अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की घोषणाओं और अमेरिकी टैरिफ़ की आलोचना के बावजूद, वॉल स्ट्रीट में गिरावट के बाद एशियाई शेयर बाज़ारों में दबाव रहा। शंघाई सिक्योरिटीज़ न्यूज़ ने चीन के केंद्रीय बैंक द्वारा संभावित रूप से ज़बरन कदम उठाए जाने को लेकर चिंता जताई, जिससे एशियाई शेयरों पर दबाव और बढ़ गया।
टैरिफ़ पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणियों से डॉलर मजबूत हुआ और जोखिम से बचने की धारणा को बल मिला।
नतीजतन, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY में बढ़त आई और प्रमुख मुद्राओं तथा कमोडिटी के मुकाबले पिछली बढ़त को परखा। दो दिन की गिरावट के बाद EURUSD और GBPUSD में रिकवरी हो रही है, जबकि AUDUSD, NZDUSD और USDCAD में भी उछाल आया है, लेकिन तेजी की गति मजबूत नहीं है। सोना और कच्चा तेल मज़बूत बने हुए हैं, जबकि क्रिप्टोकरेंसी और एशिया-प्रशांत के शेयरों पर दबाव है।
यूरोज़ोन के महंगाई के उत्साहजनक आंकड़ों के बावजूद, यूरो में तेजी नहीं आई। मजबूत US आंकड़ों और Fed के सख्त रुख के संकेतों से अमेरिकी डॉलर को बढ़ावा मिला। EURUSD में तेजी के पक्षधर फ्रांस और जर्मनी की राजनीतिक चिंताओं के साथ-साथ यूरोपीय सेंट्रल बैंक के हालिया सख्त रुख को लेकर संदेह से भी जूझ रहे हैं। इसके अलावा, EU और US के आगामी आंकड़ों को लेकर अनिश्चितता यूरो खरीदारों को सतर्क रख रही है।
दो दिनों की लगातार बढ़त के बाद GBP/USD में मामूली तेजी आई और इसने पिछले दिन की गिरावट की भरपाई की। मजबूत UK डेटा से इस पेयर को सहारा मिला और आज Bank of England के अधिकारियों के भाषणों से पहले यह एक सीमित दायरे में रहा।
इस बीच, जापान में उपभोक्ता विश्वास कमजोर होने और बैंक ऑफ़ जापान की ब्याज दरों में बढ़ोतरी को लेकर संदेह बढ़ने से USDJPY को मजबूती मिल रही है। पूर्व BoJ गवर्नर कुरोदा की सख्त रुख वाली टिप्पणियों के बावजूद, लगातार दो दिन की बढ़त के बाद भी इसमें मजबूती बनी हुई है।
ऑस्ट्रेलियाई, न्यूज़ीलैंड और कनाडाई डॉलर जैसी कमोडिटी से जुड़ी मुद्राएं हाल में अमेरिकी डॉलर की मज़बूती और चीन की अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताओं के कारण गिरीं। हालांकि, अमेरिकी आंकड़ों से पहले बाज़ार में ठहराव और सोने व क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया में तेज़ होती महंगाई के बीच AUDUSD, NZDUSD और USDCAD ने सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले हुए उतार-चढ़ाव को फिर से जारी करना शुरू कर दिया है। हालांकि, इनमें मज़बूत मोमेंटम नहीं है।



मज़बूत US Dollar के बावजूद, भारत और चीन के केंद्रीय बैंक लगातार दूसरे महीने सोने की खरीद जारी रखे हुए हैं, जिससे खरीदारों के लिए सोना आकर्षक बना हुआ है। इस हफ़्ते के आखिर में होने वाली अहम आर्थिक घटनाओं से पहले सोने में तेज़ी की उम्मीद लगाए ट्रेडर्स भी आशावान बने हुए हैं।
साप्ताहिक API तेल भंडार में उम्मीद से ज्यादा गिरावट के चलते कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त आई। अमेरिकी डॉलर की मजबूती, रूस से तेल निर्यात बढ़ने और कनाडा की अमेरिका को तेल आपूर्ति बढ़ाने की योजनाओं के बावजूद तेल की कीमतें चढ़ीं। हालांकि, दुनिया के सबसे बड़े कमोडिटी उपभोक्ता के रूप में चीन की अहम भूमिका के चलते उसकी आर्थिक बदलाव प्रक्रिया को लेकर चिंताएं ऊर्जा खरीदारों पर दबाव डाल रही हैं।
Bitcoin (BTCUSD) और Ethereum (ETHUSD) दोनों में पिछले दिन भारी गिरावट आई। अमेरिकी डॉलर में आई रिकवरी के कारण इन पर दबाव बना हुआ है। क्रिप्टो पोज़िशनों में हालिया बिकवाली ने गिरावट के दबाव को और बढ़ाया है, जिससे लिखे जाने के समय दोनों क्रिप्टोकरेंसी दबाव में हैं। रिकवरी की कोशिशों के बावजूद, मुनाफ़ा वसूली जारी रहने और व्यापक बाज़ार की अनिश्चितता के कारण बाज़ार सतर्क बना हुआ है और डिजिटल एसेट्स पर दबाव है।
बुधवार को कई अहम आर्थिक अपडेट जारी होंगे। इनमें यूरोज़ोन के कई आंकड़े, अमेरिकी ADP रोज़गार परिवर्तन और फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की ताज़ा मिनट्स शामिल हैं। इनसे पहले जर्मनी की खुदरा बिक्री निराशाजनक रही, जापान में उपभोक्ता विश्वास कमज़ोर रहा और ऑस्ट्रेलिया में महंगाई उम्मीद से ज़्यादा रही। इन अपडेट्स से बाज़ार की धारणा प्रभावित होने की उम्मीद है और मुद्रा व कमोडिटी की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
पिछली FOMC बैठक के सख्त रुख के संकेतों और सकारात्मक अमेरिकी आंकड़ों से अमेरिकी डॉलर की हालिया रिकवरी जारी रहने की संभावना है। कुछ नकारात्मक चौंकाने वाले आंकड़ों के बावजूद, शुक्रवार को जारी होने वाली अमेरिकी रोज़गार रिपोर्ट से डॉलर को और सपोर्ट मिल सकता है, जिससे खरीदारों को हुए नुकसान की भरपाई का एक और मौका मिलेगा।
नतीजतन, ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर के साथ-साथ क्रूड ऑयल के खरीदारों को सतर्क रहना चाहिए, जबकि सोना और क्रिप्टोकरेंसी तेज़ी चाहने वाले ट्रेडरों का ध्यान खींचना जारी रख सकते हैं। हालांकि, शेयरों और प्रमुख करेंसी पर दबाव बने रहने की संभावना है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!