
बुधवार को चीन द्वारा अपनी अर्थव्यवस्था को सहारा देने के उद्देश्य से कई दर कटौतियों और नीतिगत उपायों की घोषणा के बाद एशियाई बाज़ार सकारात्मक रुख के साथ खुले। चीन के केंद्रीय बैंक और वित्तीय नियामकों की संयुक्त ब्रीफिंग ने वृद्धि को स्थिर करने के लिए ज़्यादा मज़बूत प्रयासों का संकेत दिया और लंबे समय से प्रतीक्षित अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता की संभावना जताई, जिससे शुरुआत में आशावाद बढ़ा।
हालांकि, भू-राजनीतिक तनावों ने जल्द ही माहौल को प्रभावित किया। पाकिस्तान में कई ठिकानों पर भारत के हमलों और व्यापक अमेरिकी व्यापार वार्ताओं—जिनमें चीन भी शामिल है—में ठोस प्रगति को लेकर बढ़ते संदेहों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया। अमेरिकी फ़ेडरल रिज़र्व की मौद्रिक नीति की घोषणा से पहले की अनिश्चितता ने भी बाज़ार की धारणा को कमज़ोर किया।
आज सुधारात्मक उछाल से पहले अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) लगातार तीसरे दिन गिरा। इसकी वजह ट्रंप प्रशासन की व्यापार संबंधी टिप्पणियों पर संदेह और अमेरिका के व्यापार घाटे के बढ़ने की चिंताएँ थीं। इसके बाद, तीन दिन की तेज़ी के बाद सोने में गिरावट आई, जबकि प्रमुख करेंसीज़ का प्रदर्शन मिला-जुला रहा: EURUSD और GBPUSD नीचे आए, USDJPY में हल्की वापसी हुई और AUDUSD तथा NZDUSD में चार दिनों में पहली बार गिरावट दर्ज हुई। इस बीच, अमेरिका-कनाडा व्यापार समझौते की उम्मीद और तेल की मज़बूत कीमतों के सहारे USDCAD स्थिर रहा। आगे देखें तो क्रिप्टोकरेंसीज़ एक सीमित दायरे में बनी हुई हैं। कच्चे तेल में रिकवरी जारी रही, जबकि वॉल स्ट्रीट में कमज़ोर क्लोज़िंग के बावजूद एशिया-प्रशांत के शेयर बाज़ारों में मामूली वापसी हुई।
अमेरिकी डॉलर में हल्की रिकवरी और यूरो ट्रेडर्स के सतर्क रुख के चलते, तीन दिन की बढ़त के बाद EURUSD नीचे आया। जर्मनी के फैक्ट्री ऑर्डर, यूरोज़ोन की रिटेल सेल्स और फेडरल रिज़र्व के नीतिगत फैसले जैसे अहम आंकड़ों का इंतज़ार करते हुए यह करेंसी पेयर एक सप्ताह के उच्च स्तर से फिसला। इस गिरावट के बावजूद, जर्मनी के सकारात्मक राजनीतिक घटनाक्रम, अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता को लेकर फिर जगी उम्मीदों और फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी रोकने के संकेत दिए जाने की संभावना से EURUSD को सहारा मिल रहा है।
यूरो की तरह, GBPUSD में भी बुधवार को चार सत्रों में पहली दैनिक गिरावट दर्ज हुई। इसकी मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर में आई तेजी और अमेरिका-ब्रिटेन व्यापार समझौते पर बातचीत को लेकर अनिश्चितता रही। हालांकि, ब्रिटिश पाउंड पर गिरावट का दबाव सीमित रहा। संभावित ब्रिटेन-भारत व्यापार समझौते को लेकर आशावाद और अप्रैल के उम्मीद से बेहतर ब्रिटिश PMI आंकड़ों ने मुद्रा को कुछ समर्थन दिया।
बुधवार को USDJPY साप्ताहिक निचले स्तर से उछला और अमेरिकी डॉलर की गति लौटने के साथ तीन दिन की गिरावट का सिलसिला टूट गया। इस जोड़ी ने जापान के अप्रैल के Services PMI के उम्मीद से बेहतर आंकड़ों को नज़रअंदाज़ किया और इसके बजाय एशिया में जोखिम लेने के व्यापक रुझान के अनुरूप कारोबार किया। चीन के समर्थनकारी नीतिगत संकेतों ने इस रुझान को बल दिया। यह उछाल बदलते वैश्विक बाज़ार रुझान और Federal Reserve की नीतिगत घोषणा से पहले की सतर्कता के बीच डॉलर को बाज़ार की प्राथमिकता मिलने को दर्शाता है।



चीन को लेकर आशावाद—जो दुनिया में कमोडिटी का सबसे बड़ा उपभोक्ता है—आमतौर पर कमोडिटी से जुड़ी मुद्राओं को ऊपर उठाता है। लेकिन अमेरिकी डॉलर की रिकवरी और फेडरल रिज़र्व के नीतिगत फ़ैसले से पहले ट्रेडर्स की बढ़ती सतर्कता के बीच ऑस्ट्रेलियाई, न्यूज़ीलैंड और कनाडाई डॉलर में गिरावट आई।
न्यूज़ीलैंड के मज़बूत रोज़गार आंकड़ों के बावजूद NZDUSD में बढ़त हासिल करने में मुश्किल हुई, क्योंकि रिज़र्व बैंक ऑफ़ न्यूज़ीलैंड ने बनी हुई आर्थिक अनिश्चितता पर ज़ोर दिया। मज़बूत अमेरिकी डॉलर के सहारे USDCAD स्थिर रहा, हालांकि अमेरिका-कनाडा व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक धारणा और तेल की बढ़ती कीमतों से कुछ सहारा मिला। इस बीच, AUDUSD नवंबर 2024 के अंत के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब रहा, लेकिन लेख लिखे जाने के समय इसमें मामूली गिरावट आई।
उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, US के क्रूड इन्वेंटरी में उम्मीद से बड़ी गिरावट के सहारे बुधवार को क्रूड ऑयल ने मंगलवार की रिकवरी को आगे बढ़ाया। भारत-पाकिस्तान झड़पों, US-ईरान और रूस-यूक्रेन वार्ताओं में ठहराव और गाज़ा में फिर से अशांति सहित बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों से भी कीमतों को समर्थन मिला।
इस बीच, सोने की लगातार तीन दिन की बढ़त थम गई और यह दो हफ़्ते के उच्च स्तर से नीचे आ गया। US Dollar में उछाल और सोने के बड़े उपभोक्ता भारत से जुड़ी भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने इस धातु पर दबाव डाला। चीन के आर्थिक प्रोत्साहन से जुड़ी उम्मीदों के बावजूद, मजबूत डॉलर और Federal Reserve के फैसले से पहले सतर्क माहौल के बीच सोना अपनी बढ़त बरकरार रखने में संघर्ष करता रहा।
बुधवार को बिटकॉइन (BTCUSD) अपने साप्ताहिक उच्च स्तर से नीचे आ गया और उसकी लगातार दो दिन की बढ़त का सिलसिला थम गया। अमेरिकी डॉलर में आई तेजी ने क्रिप्टो बाजार की धारणा पर दबाव डाला। न्यू हैम्पशायर में उद्योग के पक्ष में हुए घटनाक्रम और चीन के आर्थिक कदमों से बढ़े व्यापक आशावाद के बावजूद यह गिरावट आई। वहीं, इथेरियम (ETHUSD) में हल्की तेजी का रुझान बना रहा और यह अपनी दो सप्ताह की रेंज में कारोबार करता रहा।
Fed Chair Jerome Powell की प्रेस कॉन्फ़्रेंस या आर्थिक अनुमान जारी न होने के बावजूद, बुधवार के FOMC फ़ैसले से पहले ट्रेडर्स सतर्क हैं। Fed द्वारा ब्याज दरों को यथावत रखने की व्यापक उम्मीद है, लेकिन पॉलिसी स्टेटमेंट का रुख अहम होगा—बाज़ारों को उम्मीद है कि नरम रुख वाली भाषा US डॉलर पर दबाव बनाए रखेगी। Fed के अपडेट के अलावा, यूरोज़ोन की रिटेल सेल्स, US ट्रेड डील वार्ताओं से जुड़ी ख़बरें—खासकर चीन के साथ—और भारत व चीन से जुड़ी भू-राजनीतिक ख़बरों पर भी स्पष्ट दिशा के लिए नज़र रखनी होगी।
स्पष्ट नरम रुख के अभाव में, डॉलर की रिकवरी व्यापार वार्ताओं या भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से मिलने वाले नए संकेतों पर निर्भर हो सकती है। इस बीच, यूरोज़ोन के कमजोर डेटा और European Central Bank के नरम रुख के चलते EURUSD के लिए तेज़ी पकड़ना मुश्किल हो सकता है। डॉलर कमजोर पड़ने पर ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर समेत अन्य प्रमुख मुद्राएं शुरुआती गिरावट की भरपाई कर सकती हैं। ऐसी ही परिस्थितियों में कमोडिटी में भी खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ सकती है।
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