
अमेरिका के बाहर बनी कारों और ट्रकों पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के नए 25% टैरिफ़, बढ़ती महंगाई की चिंताओं, अमेरिका के मज़बूत आँकड़ों और Fed की मिली-जुली टिप्पणियों ने बाज़ार की धारणा को कमज़ोर किया। इससे ट्रेड वॉर और बढ़ती महंगाई की आशंकाएँ और बढ़ गईं। यूरोपीय संघ (EU) में भी संभावित टैरिफ़, युद्ध की स्थिति में खाने-पीने की चीज़ों की कमी और बढ़ती महंगाई की रिपोर्टों को लेकर चिंताएँ थीं। इसके बावजूद, गुरुवार को चीन से आई सकारात्मक ख़बरों और गिरावट वाले दिन के बाद बाज़ार की रिकवरी से जोखिम लेने की धारणा में सुधार हुआ।
ऑटो पार्ट्स पर एक महीने की छूट से ट्रंप की टैरिफ घोषणा का असर कुछ कम ज़रूर हुआ, लेकिन बढ़ते ट्रेड वॉर की आशंकाओं ने बाज़ारों में हलचल मचा दी। इन चिंताओं के साथ, अमेरिकी डेटा में महंगाई के तेज़ होने और फेड की सख्त टिप्पणियों ने अमेरिकी डॉलर को मज़बूती दी। डॉलर इंडेक्स (DXY) तीन सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचा, लेकिन चीन के बेहतर आर्थिक आंकड़ों और कमोडिटीज़ को मिले समर्थन के बाद इसमें गिरावट आई। इससे कमोडिटीज़ और AUD तथा NZD जैसी रिस्क करेंसीज़ को बढ़ावा मिला।
EURUSD और GBPUSD तीन हफ़्तों के निचले स्तर से उबरे, जबकि USDJPY में मामूली गिरावट आई। इसके अलावा, AUDUSD और NZDUSD की साप्ताहिक बढ़त जारी रही, जबकि लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद USDCAD पर दबाव बना हुआ है। वहीं, Crude Oil मार्च की शुरुआत के उच्च स्तरों के पास संघर्ष करता रहा और Gold 11 महीनों के सपोर्ट स्तर से उबरा। आगे, Bitcoin और Ethereum में तीन दिनों में पहली दैनिक गिरावट आई, जबकि इक्विटी ने अपनी साप्ताहिक बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया।
EURUSD ने छह दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा और तीन सप्ताह के निचले स्तर से उबरा। प्रमुख घटनाओं से पहले बाज़ारों में स्थिरता आई, जिनमें अमेरिका की Q4 GDP रिपोर्ट, ECB अध्यक्ष लैगार्ड का भाषण और फरवरी का कोर PCE प्राइस इंडेक्स शामिल हैं। यूक्रेन-रूस के संभावित संघर्ष-विराम से जुड़ी सकारात्मक खबरों और चीन से आई आशावाद ने भी यूरो को ऊपर उठाने में मदद की। हालांकि, यूरोपीय आयोग की नागरिकों को भोजन का भंडार जमा करने की सलाह को लेकर चिंताओं और व्यापार युद्धों तथा सप्लाई चेन की समस्याओं के डर ने आज की तेजी से पहले इस करेंसी जोड़ी पर दबाव डाला।
GBPUSD 13 दिनों के निचले स्तर से उछला और यूके के वसंत बजट तथा कमज़ोर मुद्रास्फीति डेटा की चिंताओं को नज़रअंदाज़ किया। जोखिम से बचने की भावना, यूके के कमज़ोर CPI और बजट की निराशाजनक प्रस्तुति के चलते पाउंड पिछले दिन गिरा था। हालांकि, आज की रिकवरी बाज़ार में समेकन से जुड़ी लगती है और Bank of England (BoE) के नरम रुख के आउटलुक को दरकिनार कर रही है।
अमेरिकी डॉलर में गिरावट से USDJPY को सहारा मिला और इसने अपनी साप्ताहिक बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया। इस करेंसी पेयर ने बढ़ती महंगाई की चिंताओं को काफी हद तक नज़रअंदाज़ किया और इसके बजाय जापान की उस चेतावनी पर ध्यान दिया कि अमेरिकी टैरिफ़ का अर्थव्यवस्था पर क्या असर हो सकता है।
AUDUSD पिछले दिन की गिरावट से उबरा, जबकि NZDUSD में भी रिकवरी आई। चीन को लेकर आशावाद और यूक्रेन-रूस तनाव कम होने से इन जोड़ों को सहारा मिला। US टैरिफ़ पर सहमति बनने की उम्मीद बढ़ने और कनाडा के प्रमुख निर्यात WTI क्रूड ऑयल की कीमतों में साप्ताहिक बढ़त की संभावना के बीच USDCAD लगातार चौथे दिन दबाव में रहा। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और कनाडा के केंद्रीय बैंकों का नरम रुख़, साथ ही ओटावा में राजनीतिक अनिश्चितता, इन जोखिम-संवेदनशील मुद्राओं की हालिया बढ़त के लिए चुनौती है।



Shanghai Gold Exchange में बीमा कंपनियों को शामिल किए जाने से चीन में सोने की मांग बढ़ने की उम्मीद है। अमेरिका के टैरिफ़ और राजनीति को लेकर अनिश्चितता के साथ, ये उम्मीदें सोने के खरीदारों को सहारा देती रही हैं, जबकि DXY में साप्ताहिक बढ़त की संभावना बनी हुई है। 11 महीने पुराना रेज़िस्टेंस स्तर और 10-दिन का EMA भी सोने की कीमतों को सहारा देने और खरीदारों को आकर्षित करने में मदद कर रहे हैं।
इस बीच, अमेरिका के साप्ताहिक तेल भंडार में अप्रत्याशित गिरावट और अमेरिकी डॉलर में नरमी के बावजूद, कच्चा तेल तीन हफ्तों के उच्च स्तर से पीछे हट गया और उसकी तीन दिन की तेजी का सिलसिला थम गया।
GameStop की Bitcoin खरीदने के लिए $1.3 बिलियन के कन्वर्टिबल नोट जारी करने की योजना और लिबरेशन डे से पहले की सतर्क उम्मीदों से Bitcoin (BTCUSD) और Ethereum (ETHUSD) को तीन दिनों में पहली बार दैनिक बढ़त हासिल करने में मदद मिली। हालांकि, Trump को लेकर उम्मीदें घटने के बीच दोनों क्रिप्टोकरेंसी पर अब भी साप्ताहिक दबाव बना हुआ है।
गुरुवार को चीन से जुड़ी ख़बरों पर बाज़ार की प्रतिक्रिया, टैरिफ़ को लेकर चिंताओं में स्थिरता, अमेरिका की चौथी तिमाही के GDP का अंतिम आंकड़ा, साप्ताहिक बेरोज़गारी दावों के आंकड़े और UK, यूरोप तथा अमेरिका के केंद्रीय बैंकरों के कई भाषण बाज़ारों को सक्रिय रख सकते हैं। अमेरिका की विकास दर को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच इससे बाज़ारों में संभावित बदलाव आ सकता है। इससे अमेरिकी डॉलर पर दबाव पड़ सकता है और सोने, EURUSD तथा GBPUSD को समर्थन मिल सकता है। USDJPY की साप्ताहिक बढ़त घट सकती है, जबकि ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड डॉलर में तेज़ी जारी रह सकती है। अमेरिका में भंडार घटने और ट्रंप की "ड्रिल, बेबी, ड्रिल" नीति पर कम अमल के चलते कच्चे तेल में बढ़त आ सकती है। अमेरिकी डॉलर में गिरावट से क्रिप्टोकरेंसी को शायद फ़ायदा न हो, लेकिन शेयर पिछले दिन के नुकसान की भरपाई कर सकते हैं। इसके अलावा, शुक्रवार को जारी होने वाला अमेरिकी कोर PCE प्राइस इंडेक्स—फ़ेड का पसंदीदा महंगाई माप—या तो महंगाई की चिंताओं की पुष्टि कर सकता है और नरम फ़ेड रुख को चुनौती देकर अमेरिकी डॉलर को बढ़ावा दे सकता है।
आपकी ट्रेडिंग किस्मत आपका साथ दे!